PPF Accounts: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ भारत में बचत का एक भरोसेमंद साधन माना जाता है। इसमें सरकार की गारंटी होती है, तय ब्याज मिलता है और मिलने वाला पैसा टैक्स फ्री होता है। लेकिन आज भी कई लोगों को लगता है कि अगर वे एक से ज्यादा पीपीएफ खाते खोल लें, तो वे सालाना निवेश सीमा से ज्यादा पैसा जमा कर सकते हैं और ज्यादा टैक्स फायदा ले सकते हैं। यह सोच गलत है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड योजना, 2019 के नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति फॉर्म-1 भरकर पीपीएफ खाता खोल सकता है। लेकिन नियम साफ कहते हैं कि एक व्यक्ति अपने नाम पर सिर्फ एक ही पीपीएफ खाता खोल सकता है। यह खाता बैंक में हो या डाकघर में, फर्क नहीं पड़ता। पीपीएफ में संयुक्त खाता यानी दो लोगों के नाम से खाता खोलने की भी अनुमति नहीं है। ये सभी नियम वित्त मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय बचत संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दिए गए हैं।
कुछ लोग सोचते हैं कि अगर वे अलग-अलग बैंकों या डाकघरों में खाते खोल लें, तो सिस्टम को पता नहीं चलेगा। लेकिन पीपीएफ खाता पैन नंबर से जुड़ा होता है। जांच या मैच्योरिटी के समय एक से ज्यादा खाते का पता चल सकता है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा खाते मिलते हैं, तो अतिरिक्त खाते को अनियमित माना जा सकता है। ऐसे खाते में जमा रकम बिना ब्याज के वापस की जा सकती है। केवल एक खाता ही चालू रखा जाएगा।
नियमों के तहत कोई व्यक्ति अपने नाबालिग बच्चे या मानसिक रूप से अक्षम व्यक्ति के लिए अभिभावक के रूप में एक पीपीएफ खाता खोल सकता है। लेकिन एक बच्चे के नाम पर भी सिर्फ एक ही खाता खोला जा सकता है। यानी किसी दूसरे अभिभावक को उसी बच्चे के नाम पर अलग खाता खोलने की अनुमति नहीं है।
योजना के नियमों के अनुसार:
न्यूनतम जमा: 500 रुपये प्रति वित्त वर्ष
अधिकतम जमा: 1.5 लाख रुपये प्रति वित्त वर्ष
सबसे जरूरी बात यह है कि 1.5 लाख रुपये की यह सीमा कुल मिलाकर लागू होती है। यानी व्यक्ति अपने खाते और अपने नाबालिग बच्चों के खातों में (जहां वह अभिभावक है) मिलाकर कुल 1.5 लाख रुपये ही जमा कर सकता है। नाबालिग के नाम पर खाता खोलने से कुल टैक्स छूट की सीमा नहीं बढ़ती।
पीपीएफ योजना लंबी अवधि की अनुशासित बचत के लिए बनाई गई है। इसमें एक तय सीमा रखी गई है ताकि टैक्स लाभ का गलत इस्तेमाल न हो और व्यवस्था सरल बनी रहे। अगर कोई निवेशक 1.5 लाख रुपये से ज्यादा लंबी अवधि के लिए बचत करना चाहता है, तो उसे दूसरे वित्तीय साधनों में निवेश करना होगा। इसलिए पीपीएफ में एक से ज्यादा खाता खोलकर ज्यादा टैक्स फायदा लेने की कोशिश नियमों के खिलाफ है।