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हवाई यात्रियों को बड़ी राहत, 48 घंटे तक फ्री कैंसलेशन; रिफंड की समयसीमा भी तय

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नए नियमों के तहत जो यात्री सीधे एयरलाइन की वेबसाइट पर टिकट बुक करते हैं, वे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान किए बिना 48 घंटों के भीतर अपने टिकट कैंसल या संशोधित कर सकते हैं।

Last Updated- February 27, 2026 | 9:39 AM IST
Flight Seat Charges

नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई टिकट नियमों में बदलाव करते हुए 48 घंटे के भीतर मुफ्त कैंसलेशन और संशोधन विंडो शुरू की है। इसके अलावा अधिकतम कैंसलेशन चार्ज और रिफंड की सीमा तय कर दी गई है। इसके बदले यात्री आगे यात्रा के लिए वाउचर भी चुन सकते हैं। बीते 24 फरवरी को जारी नई अधिसूचना मार्च से लागू होगी।

डीजीसीए ने कहा कि ये बदलाव इसलिए जरूरी थे क्योंकि टिकट रिफंड का मुद्दा एयरलाइन यात्रियों के बीच शिकायत का एक बड़ा कारण बन गया है, जिसमें शिकायतें मुख्य रूप से देरी, आंशिक रिफंड और पैसे वापस करने के बजाय वाउचर देने की प्रथा के बारे में हैं।

नियामक ने कहा कि हालांकि यह आमतौर पर एयरलाइनों की कमर्शल प्रथाओं में हस्तक्षेप नहीं करता है, लेकिन शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रा करने वाले लोगों के हितों की रक्षा के लिए कुछ सकारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता थी।

नए नियमों के तहत जो यात्री सीधे एयरलाइन की वेबसाइट पर टिकट बुक करते हैं, वे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान किए बिना 48 घंटों के भीतर अपने टिकट कैंसल या संशोधित कर सकते हैं, बशर्ते कि देश के भीतर यात्रा के लिए फ्लाइट कम से कम 7 और विदेश यात्रा के लिए 15 दिन दूर हो। डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि शुरुआती बुकिंग समय के 48 घंटों के बाद यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन के लिए उचित कैंसिलेशन फीस का भुगतान करना होगा।

रिफंड में देर न हो, इसके लिए समय-सीमा भी तय कर दी गई है। एयरलाइन को क्रेडिट कार्ड से किए गए पेमेंट का रिफंड 7 कार्य दिवसों के भीतर देना होगा। ट्रैवल एजेंटों या ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से खरीदे गए टिकटों के लिए एयरलाइन 14 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड प्रोसेस कर सकती है। कैश पेमेंट का रिफंड तुरंत उस एयरलाइन के कार्यालय में किया जाना चाहिए जहां से टिकट खरीदा गया।

अब कैंसलेशन चार्ज भी निर्धारित कर दिया गया है। नए नियम में कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में एयरलाइन या उसका एजेंट बेसिक किराया और फ्यूल सरचार्ज से अधिक कैंसलेशन चार्ज नहीं लेगा। बुकिंग के समय एजेंट की फीस भी स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए। एयरलाइनों को रिफंड की राशि और उसके ब्रेक-अप को स्पष्ट रूप से टिकट या एक अलग फॉर्म के माध्यम से बताना होगा। यह जानकारी उसकी वेबसाइट पर प्रदर्शित होनी चाहिए।

यात्रियों को रिफंड के बजाय क्रेडिट शेल (भविष्य की यात्रा के लिए वाउचर) चुनने का भी विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, एयरलाइन अपनी वेबसाइट पर सीधे बुकिंग करने के 24 घंटों के भीतर रिपोर्ट करने पर किसी भी यात्री के नाम में स्पेलिंग की गलती को ठीक करने के लिए चार्ज नहीं ले सकती।

चिकित्सीय आपात स्थिति के लिए भी विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि यात्रा अवधि के दौरान यात्री या उसी पीएनआर पर तत्काल परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती हो जाता है, तो एयरलाइनों को या तो रिफंड या कम से कम एक वर्ष के लिए वैध हस्तांतरणीय क्रेडिट शेल देना होगा। अन्य मामलों में एयरलाइन या डीजीसीए द्वारा सूचीबद्ध एरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ द्वारा यात्री की यात्रा करने की फिटनेस सत्यापित करने के बाद रिफंड देना होगा।

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First Published - February 27, 2026 | 9:39 AM IST

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