Shiprocket Share Price: ई-कॉमर्स कारोबार को तकनीकी और लॉजिस्टिक सेवाएं देने वाली कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों ने बुधवार, 19 अगस्त को शेयर बाजार में दमदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर एनएसई पर 131 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। यह 97 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 34 रुपये यानी 35.05 फीसदी का प्रीमियम है। बीएसई पर भी शिपरॉकेट की मजबूत लिस्टिंग हुई। यहां शेयर 129 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 32 रुपये यानी करीब 33 फीसदी ज्यादा है।
शिपरॉकेट के आईपीओ में एक लॉट में 154 शेयर रखे गए थे। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए 14,938 रुपये लगाने थे। एनएसई पर 131 रुपये के लिस्टिंग भाव के हिसाब से निवेशकों को प्रति शेयर 34 रुपये का फायदा हुआ। इस तरह एक लॉट पर लिस्टिंग के समय करीब 5,236 रुपये का मुनाफा हुआ। वहीं, बीएसई के 129 रुपये के लिस्टिंग भाव के आधार पर प्रति शेयर 32 रुपये और एक लॉट पर करीब 4,928 रुपये का फायदा हुआ।
स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट की हेड (वेल्थ) शिवानी न्याती ने कहा कि शिपरॉकेट की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमान के आसपास ही रही। उन्होंने कहा कि जिन्हें शेयर मिले हैं, वे कुछ प्रॉफिट बुक कर सकते हैं और बाकी शेयर लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड कर सकते हैं। साथ ही 110 का स्टॉप-लॉस भी लगा सकते हैं।
शिपरॉकेट की लिस्टिंग पर मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिस डॉ रवि सिंह ने कहा कि जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं वो थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग भी कर सकते हैं। बाकी बचे शेयरों को लंबी अवधि के लिए रख सकते हैं। इसके अलावा जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर नहीं मिले वो कीमतों में गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं।
शिपरॉकेट की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के संकेतों के करीब रही। शेयर बाजार में शुरुआत से पहले नॉन-लिस्टेट मार्केट में कंपनी का शेयर करीब 130 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। यह 97 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 33 रुपये यानी 34 फीसदी अधिक था। एनएसई पर कंपनी का शेयर इससे एक रुपये ज्यादा, 131 रुपये पर लिस्ट हुआ। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक संकेत होता है और इससे वास्तविक लिस्टिंग भाव की गारंटी नहीं मिलती।
शिपरॉकेट के 1,617 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। आईपीओ में 885.50 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए, जबकि मौजूदा निवेशकों ने ऑफर फॉर सेल के जरिए 731.98 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बता दें कि आईपीओ 12 अगस्त से 14 अगस्त तक निवेशकों के लिए खुला था। आईपीओ को कुल 99.38 गुना बोलियां मिली थीं। कंपनी ने 9.44 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 938.5 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां हासिल कीं।
शिपरॉकेट फ्रेश इश्यू से मिली रकम का इस्तेमाल अपने अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में निवेश, कर्ज भुगतान और अधिग्रहण के जरिए कारोबार बढ़ाने में करेगी। रकम का एक हिस्सा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर भी खर्च किया जाएगा।