ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह द्वारा तैयार किए गए चार ‘ज्ञान संकलन’ मंगलवार को ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों की 12वीं बैठक के दौरान जारी किए गए। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, इन दस्तावेजों में ब्रिक्स सदस्य देशों की प्रमुख
कार्यप्रणालियों, ज्ञान प्रणालियों और नवाचारों को शामिल किया गया है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने इन ज्ञान संकलनों का विमोचन किया।पहले दो संकलनों में टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने से जुड़े राष्ट्रीय अनुभवों, प्रमुख कार्यप्रणालियों और सफल कहानियों तथा एकीकृत अग्नि प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम
कार्यप्रणालियों एवं नवोन्मेषी उपायों को शामिल किया गया है। अन्य दो संकलन एकीकृत भू-दृश्य आधारित हरितीकरण उपायों तथा विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व ढांचे और चक्रीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख कार्यप्रणालियों पर केंद्रित हैं।
पहले संकलन में यह बताया गया है कि ब्रिक्स सदस्य देश नीतिगत नवाचार, व्यवहार में बदलाव से जुड़ी पहल और पर्यावरण शिक्षा सहित विभिन्न उपायों के जरिये टिकाऊ जीवनशैली की अवधारणा को व्यावहारिक रूप दे रहे हैं। दूसरा संकलन अग्नि प्रबंधन को लेकर साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जिसमें रोकथाम एवं तैयारियों, शुरुआती चेतावनी एवं समय पर कार्रवाई तथा आग लगने के बाद प्रतिक्रिया और पुनर्बहाली को शामिल किया गया है।
तीसरे दस्तावेज में भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण, जैव विविधता की क्षति और जलवायु परिवर्तन जैसी परस्पर जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के अनुभवों, कार्यप्रणालियों और नीतिगत उपायों को एक जगह प्रस्तुत किया गया है। चौथे संकलन में चक्रीय और संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव से जुड़े ब्रिक्स देशों के अनुभवों, नीतिगत उपायों, नियामकीय साधनों और संस्थागत मॉडलों को शामिल किया गया है।