मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 0.20 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 7.0-7.4 प्रतिशत कर दिया गया है और इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था का आकार आसानी से 4,000 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा।
जनवरी में संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 6.8-7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। नागेश्वरन ने राष्ट्रीय आय की नई श्रृंखला जारी किए जाने के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘नई श्रृंखला के आधार पर हम वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को पहले के 6.8-7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.0-7.4 प्रतिशत कर रहे हैं। हालांकि अर्थव्यवस्था के सात प्रतिशत के बजाए 7.4 प्रतिशत के करीब रहने की अधिक संभावना है।’
इसके साथ ही सीईए ने कहा कि मौजूदा संकेतकों के आधार पर मौजूदा कीमतों पर जीडीपी की वृद्धि दर 2026-27 में करीब 11 प्रतिशत रह सकती है जबकि अर्थव्यवस्था का आकार आसानी से 4,000 अरब डॉलर के पार चला जाएगा। भारतीय अर्थव्यवस्था व्यापक आधार वाली गतिविधियों के समर्थन से मजबूत वृद्धि की रफ्तार बनाए हुए है।
नई राष्ट्रीय आय श्रृंखला के मुताबिक चालू वित्त वर्ष (2025-26) में जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष के 7.1 प्रतिशत से अधिक है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने 2022-23 को आधार वर्ष बनाते हुए राष्ट्रीय आय की नई श्रृंखला जारी की है जिसने 2011-12 आधार वर्ष वाली पुरानी शृंखला का स्थान लिया है।
इस मौके पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय में सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि आधार वर्ष बदलने का मुख्य कारण जीएसटी एवं वाहन बिक्री जैसे नए आंकड़ें स्रोतों को शामिल करना और अर्थव्यवस्था में पिछले दशक में आए संरचनात्मक बदलावों को बेहतर तरीके से दर्शाना है।