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इस साल कम बढ़त दिखने के आसार

Last Updated- December 11, 2022 | 5:35 PM IST

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार में सुस्ती और उच्च महंगाई का माहौल इस साल रह सकता है। साथही यह लंबी अवधि तक रहेगा, जिसकी वजह वैश्विक मसले जैसे कि जिंस की किल्लत, आपूर्ति शृंखला से जुड़े  मसले और युद्ध‍ हैं।
बुधवार को आईआईटी मद्रास के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा, वैश्विक मसलों के बावजूद अर्थव्यवस्था के लिए यह सबसे ज्यादा उत्साहजनक समय है। उन्होंने कहा, हमें लगा था कि महामारी का संकट दूर हो गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है जबकि महंगाई की दर ऊंची है।  तब आपको जिंस की किल्लत, सेमीकंडक्टर में आपूर्ति श्रृंखला की दिक्कत और युद्ध‍ नजर आया, जिसने ​निश्चित तौर पर वैश्विक बढ़त की रफ्तार को प्रभावित किया है। हम बढ़त की कम रफ्तार, उच्च महंगाई का इस साल सामना करने जा रहे हैं, जो लंबी अवधि तक टिकेगा।
पिछले महीने विश्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आर्थिक रफ्तार का अनुमान संशोधित कर 7.5 फीसदी कर दिया था, जिसकी वजह बढ़ती महंगाई, आपूर्ति श्रृंखला के अवरोध और भूराजनीतिक तनाव के कारण रिकवरी में हो रही कमी थी। अप्रैल में उसने 8 फीसदी बढ़त का अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रेंड दुनिया भर में संक्रमण के दौर में बदलने जा रहा है। उन्होंने कहा, हम डिजिटल वर्ल्ड और डिजिटल अर्थव्यवस्था देखने जा रहे हैं। पिछले दो साल में डिजिटल अपनाए जाने से पता चलता है कि यह करोड़ो लोगों के व्यवहार के साथ जुड़ गया है। भविष्य के कारोबार कृत्रिम बौद्धि‍कता, डेटा व तकनीक आदि के साथ होंगे। उन्होंने अर्थव्यवस्था की रफ्तार का रेखांकन यूनिकॉर्न की संख्या में हुई बढ़ोतरी का उदाहरण देते हुए किया। उन्होंने संकेत दिया कि देश इस समय हर हफ्ते कम से कम एक यूनिकॉर्न देख रहा है और यह प्रवृत्ति जारी रहने वाली है। अभी भारत में 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न  हैं  और 42 यूनिकॉर्न  इस  लीग में शामिल  होने  जा रहे हैं।
चंद्रशेखरन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा व स्वास्थ्य तकनीक आने  वाले समय में अहम भूमिका निभाने जा रही है।

First Published - July 13, 2022 | 11:25 PM IST

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