facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

Drug Prices: ग्राहकों को मिलेगी राहत, इस साल नहीं बढ़ेंगे आवश्यक दवाओं के दाम!

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बदलाव के मुताबिक NLEM की दवाओं के दाम में बदलाव होता है।

Last Updated- February 02, 2024 | 10:38 PM IST
Centre fails to form policy on e-sale of drugs within Delhi HC’s deadline ऑनलाइन दवाओं पर नीति बनाने के अंतिम अवसर से भी चूक गई केंद्र सरकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने वार्निंग के साथ दी थी समय सीमा

दवा खरीदने वाले ग्राहकों को इस साल राहत मिल सकती है। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बहुत मामूली बदलाव के कारण आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची(NLEM) में शामिल दवाओं के दाम बढ़ने की संभावना नहीं है।

थोक मूल्य सूचकांक में बदलाव के मुताबिक NLEM की दवाओं के दाम में बदलाव होता है। इसके पहले के दो वर्षों 2023 में कीमत में 12.12 प्रतिशत और 2022 में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।

NLEM में शामिल दवाओं की अधिकतम कीमत राष्ट्रीय औषधि मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) तय करता है। पिछले साल डब्ल्यूपीआई में बदलाव के सापेक्ष कीमत में सालाना बदलाव की अनुमति दी गई थी। वहीं गैर NLEM दवाओं के मामले में कंपनियों को कीमत में 10 प्रतिशत वृद्धि की अनुमति है।

वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी मासिक WPI आंकड़ों के आधार पर दवा उद्योग की गणना के मुताबिक कैलेंडर वर्ष 2023 में पहले के साल की तुलना में -0.0165 प्रतिशत बदलाव हुआ।

दवा उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, ‘इसलिए NLEM दवाओं की कीमत में व्यापक आधार पर कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है।’

कम से कम दो उद्योग संगठनों ने पुष्टि की है कि WPI में बदलाव को देखते हुए ग्राहकों के लिए NLEM की दवाओं की कीमत वैसी की वैसी ही बनी रहेगी।

एक उद्योग संगठन के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न किए जाने की शर्त पर कहा, ‘NPPA NLEM दवाओं की कीमत में बदलाव की घोषणा मार्च में करेगा, जो अप्रैल 2024 से लागू होगा। WTI में ऋणात्मक बदलाव को लेकर हम स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। इसे लागू करने पर कीमत में 0.0165 प्रतिशत की कमी आएगी। इसकी वजह से बाजार से दवाएं वापस मंगानी पड़ेंगी और मौजूद दवाओं पर फिर से कीमत चिपकानी होगी।’

बहरहाल ग्राहकों के ऊपर व्यावहारिक रूप से आवश्यक दवाओं की कीमतों का असर नहीं पड़ेगा।

इंडियन फार्मास्यूटिकल्स अलायंस (IPA) के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि अनुसूची एम अधिसूचित किए जाने के साथ उद्योग और सरकार का ध्यान अब दवाओं की गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने पर होगा।

जैन ने कहा, ‘दवाओं की कीमत में हाल की बढ़ोतरी से महंगाई पर असर नहीं पड़ा है, क्योंकि भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में कंपनियों ने NLEM दवाओं के दाम में मामूली बढ़ोतरी की है।’

First Published - February 2, 2024 | 9:37 PM IST

संबंधित पोस्ट