डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (डीआरएल) ने व्यावसायिक रूप से 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) पेश किया है, जो कोविड-19 के मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। इसके दाम प्रति सैश 990 रुपये है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि वह इसकी आपूर्ति देश भर के प्रमुख सरकार अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी करेगी।
डीआरएल ने कहा ‘शुरुआती सप्ताहों में कंपनी महानगरों और टियर-1 शहरों के अस्पतालों में दवा उपलब्ध करवाएगी और बाद में इसका दायरा देश के शेष भाग तक विस्तृत कर देगी। डॉ. रेड्डीज द्वारा निर्मित 2-डीजी में 99.5 प्रतिशत की शुद्धता है और इसे 2डीजीटीएम के ब्रांड नाम के अंतर्गत व्यावसायिक रूप से बेचा जा रहा है। कंपनी ने कहा कि इसका अधिकतम खुदरा मूल्य 990 रुपये प्रति सैशे है। सरकारी संस्थानों को इसकी आपूर्ति रियायती दरों पर की जाएगी।
2-डीजी को डॉ. रेड्डीज के सहयोग से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशाला – परमाणु चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इनमास) द्वारा विकसित किया गया था। 2-डीजी मुख से ली जाने वाली दवा है। 1 मई को इस दवा के कोविड-19 विरोधी चिकित्सकीय अनुप्रयोग के लिए आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी गई थी।
डीआरडीओ के चेयरमैन और रक्षा विभाग (आरऐंडडी) के सचिव डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने कहा कि हमें कोविड-19 के रोगियों के उपचार में 2-डीजी के चिकित्सकीय अनुप्रयोग के परीक्षण के लिए उद्योग की अपनी दीर्घकालिक साझेदार डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ मिलकर काम करने की खुशी है। डीआरडीओ अपनी तकनीकों के साथ कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में योगदान दे रहा है।