पूरे महाराट्र में वितरकों ने 1 जनवरी से चरणबद्घ तरीके से कोलगेट पामोलिव इंडिया (कोलगेट इंडिया) के उत्पादों की आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया है। पारंपरिक व्यापार और संगठित चैनल (जिसमें जियोमार्ट, मेट्रो कैश ऐंड कैरी और कॉमर्स बी2बी कंपनियां उड़ान, इलास्टिक रन समेत) के बीच कीमत समानता के मुद्दे के लेकर वितरकों ने यह निर्णय लिया है।
यह कदम पारंपरिक वितरण चैनल द्वारा हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के उत्पादों का राज्य में वितरण के खिलाफ रणनीति के समान है।
वितरक सबसे पहले कंपनी से कोलगेट मैक्सफ्रेश की खरीदारी बंद करेंगे और 1 जनवरी से रिटेलरों को इसकी आपूर्ति रोकेंगे और उसके आठ दिन बाद वे कोलगेट वेदशक्ति की आपूर्ति बंद कर देंगे। दो वितरकों ने बताया कि जनवरी के मध्य से, वितरक कोलगेट टूथब्रश की आपूर्ति भी बंद कर देंगे। राज्य में पारंपरिक वितरक 1 फरवरी से कोलगेट उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर देंगे। कोलगेट इंडिया ने बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा इस संबंध में भेजे गए ईमेल संदेश का जवाब नहीं दिया है। एक वितरक के अनुसार, टूथपेस्ट कंपनी ने राज्य में पुणे में आयोजित एक उत्पाद पेशकश के अवसर पर अपने पारंपरिक वितरकों को बताया था कि टेक कंपनी अपने उत्पाद समान कीमत पर सभी माध्यमों के जरिये बेचती है। हालांकि वितरक इस पर सहमत नहीं हैं।
वितरकों ने वितरकों की सर्वोच्च संस्था द्वारा पारंपरिक वितरकों और अन्य संगठित बी2बी वितरण कंपनियों (ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों) के बीच कीमत समानता के खिलाफ एफएमसीजी कंपनियों को भेजे दो पत्रों के बाद अपनी आवाज उठाई है।
यह समस्या इसलिए शुरू हुई, क्योंकि पारंपरिक यानी ऑफलाइन वितरक बी2बी स्टोरों और ऑनलाइन वितरकों द्वारा पेश 15-20 प्रतिशत के मुकाबले 8-12 प्रतिशत के दायरे में रिटेलर मार्जिन की पेशकश कर रहे हैं। वितरकों के संगठित व्यापार चैनल ने पारंपरिक चैनल वितरक के मुकाबले एफएमसीजी कंपनियों के लिए ज्यादा बिक्री दर्ज की है।