facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

इलेक्ट्रिक निर्माण उपकरणों के कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ी, अब 1 जनवरी 2025 नई डेडलाइन

इनमें बैटरी सिस्टम, इले​क्ट्रिकल पुर्जों और समूचे वाहन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

Last Updated- November 22, 2024 | 9:42 PM IST
Govt extends deadline for electric construction equipment safety compliance इलेक्ट्रिक निर्माण उपकरणों के कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ी, अब 1 जनवरी 2025 नई डेडलाइन

भारतीय वाहन विनिर्माताओं को इलेक्ट्रिक निर्माण उपकरणों में कड़े सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने के लिए तीन महीने का विस्तार दिया गया है। ये अनुपालन मूल रूप से 1 अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होने थे। गुरुवार को घोषित संशोधित समयसीमा के अनुसार अब विनिर्माताओं को 1 जनवरी, 2025 तक नए मानदंडों को लागू करना होगा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन नियमों के तहत वाहन उद्योग मानक (एआईएस)-174 का अनुपालन अनिवार्य किया है। इनमें बैटरी सिस्टम, इले​क्ट्रिकल पुर्जों और समूचे वाहन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

विनिर्माताओं को शुरुआती समयसीमा के भीतर इन कड़े सुरक्षा मानकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए जूझना पड़ रहा था। मगर अब उन्हें यह विस्तार दिया गया है। इससे निर्माण उपकरण क्षेत्र में सुरक्षित और ज्यादा टिकाऊ कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए केंद्र के महत्वपूर्ण प्रयासों को पता चलता है, खास तौर जब देश इले​​क्ट्रिक औद्योगिक मशीनरी की ओर बढ़ रहा है।

यह कदम अगस्त 2024 में मसौदा नियमों के प्रकाशन के बाद उठाया गया है जिसमें लोगों से राय मांगी गई थी। अलबत्ता सरकार ने कहा कि कोई आपत्ति या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। लिहाजा, संशोधन को बिना किसी बदलाव के लागू कर दिया गया। सरकार का लक्ष्य कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत को उद्योग के नए मानकों के अनुकूल करने की क्षमता के साथ संतुलित करना है, जिससे कि नए नियम सफलता के साथ लागू हो सकें।

इन नए सुरक्षा नियमों का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों और लोगों दोनों की सुरक्षा करना है। हालांकि इलेक्ट्रिक निर्माण वाहन बाजार अभी भी उभर ही रहा है, लेकिन सरकार शुरू से ही कड़े सुरक्षा मानदंड लागू करना चाहती है।

First Published - November 22, 2024 | 9:42 PM IST

संबंधित पोस्ट