facebookmetapixel
Advertisement
PM मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल के वीरों को किया नमन, विक्रम-1 रॉकेट, ‘हर घर तिरंगा’ और युवाओं पर भी रखी बातवैश्विक अनिश्चितता के बावजूद रफ्तार पकड़ेगा देश का टू-व्हीलर निर्यात, हीरो-बजाज और TVS ने साफ की स्थितिUpcoming IPO: रेलवे के लिए उपकरण बनाने वाली कंपनी का IPO 30 जुलाई को खुलेगा, जानें डिटेल्सदिल्ली में आज छाए रहेंगे बादल, पर देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; असम में बाढ़ से 66 की मौतअमेरिका-ईरान जंग में नया मोड़: 13 दिनों की बमबारी के बाद थमे एयरस्ट्राइक, क्या रुकेगी 5 महीने पुरानी जंग?छात्रों के विरोध के आगे झुकी सरकार! कैसे PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल में इस्तीफा देने वाले दूसरे केंद्रीय मंत्री बने प्रधानपश्चिम एशिया संकट व तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अगले हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट का हाल?नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार

आरकैप परिसंपत्तियों के लिए हो सकेगी दूसरी नीलामी, NCLT के आदेश पर रोक से कोर्ट का इनकार

Advertisement
Last Updated- March 20, 2023 | 10:06 PM IST
Reliance Capital's acquisition will be completed by the end of January, Hinduja Group will spend Rs 9,861 crore जनवरी के अंत तक पूरा होगा रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण, हिंदुजा ग्रुप खर्च करेगी 9,861 करोड़ रुपये

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को NCLT के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें रिलायंस कैपिटल की परिसंपत्तियों (assets) की नीलामी के दूसरे दौर की इजाजत दी गई है। इस तरह से टॉरंट समूह को झटका लगा है।

अदालत ने आरकैप की लेनदारों की समिति को दूसरे दौर की नीलामी के साथ आगे बढ़ने की इजाजत दी है ताकि कर्ज से लदी इस कंपनी की बिक्री से अधिकतम कीमत हासिल हो सके।

वकीलों ने कहा, सीओसी की आज ही बैठक होगी और नीलामी प्रक्रिया 29 मार्च को होगी। इस मसले पर अगस्त में दोबारा सुनवाई होगी।

NCLT ने 2 मार्च को दिवालिया वित्तीय फर्म आरकैप की परिसंपत्तियों की एक बार फिर बोली मंगाने की इजाजत दी थी।

यह कदम दो बोलीदाताओं हिंदुजा समूह व अहमदाबाद के टॉरंट समूह से बेहतर पेशकश हासिल करने में भारतीय लेनदारों की मदद के लिहाज से उठाया गया। टॉरंट ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अपील ट्रिब्यूनल ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सीओसी की वाणिज्यिक समझदारी सबसे ऊपर है और इस तरह से एनसीएलटी के आदेश को दरकिनार कर दिया।

टॉरंट ने दूसरे दौर की नीलामी पर रोक लगाने के लिए एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया था जब उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली सबसे ज्यादा पाई गई। हिंदुजा ने नीलामी समाप्त होने के बाद 9,000 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।

एनसीएलटी में टॉरंट के हक में फैसला आने के बाद लेनदारों ने NCLT का दरवाजा खटखटाया था।

Advertisement
First Published - March 20, 2023 | 10:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement