facebookmetapixel
फ्लाइट में पावर बैंक पर सख्ती: DGCA के आदेश के बाद एयरलाइंस ने बदला नियम, यात्रियों के लिए अलर्टZomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

Ola के CEO ने कहा- EV बदल देगी तस्वीर, बंद कीजिए पेट्रोल स्कूटर बनाना…

इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में Ola की हिस्सेदारी जुलाई में 37 फीसदी से अधिक थी और वह पहले से ही इस बाजार की अव्वल नंबर कंपनी है

Last Updated- August 21, 2023 | 11:01 PM IST
Stop producing ICE scooters, says Ola Electric CEO

दोपहिया वाहन बनाने वाली पुरानी कंपनियों को सीधी चुनौती देते हुए ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भवीश अग्रवाल ने पेट्रोल इंजन वाले स्कूटर बनाना बंद करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल इंजन वाले स्कूटर बनाने के बजाय उन्हें ग्राहकों के लिए ज्यादा सार्थक और गुणवत्ता भरे स्कूटर बनाने चाहिए।

ओला ने स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग कीमत वाले चार नए ई-स्कूटर बाजार में उतारे। साथ ही उसने ई-बाइक के चार मॉडल भी दिखाए, जिन्हें अगले साल के अंत तक पेश किया जाएगा। उसके बाद ओला इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में पुरानी कंपनियों के मुकाबले बहुत मजबूत मुकाम हासिल कर लेगी।

अग्रवाल ने कहा, ‘पुरानी दोपहिया कंपनियों को अब पेट्रोल इंजन वाले स्कूटर बनाना बंद कर देना चाहिए। उन्हें अपने ग्राहकों के लिए ज्यादा सार्थक और गुणवत्ता भरे दोपहिया बनाने में निवेश करना चाहिए।’

जब अग्रवाल से पूछा गया कि उनके नए इलेक्ट्रिक स्कूटर क्या 100 CC से 150 CC पेट्रोल इंजन वाले स्कूटर ग्राहकों को ई-स्कूटर की ओर खींचने के लिहाज से बनाए गए हैं तो उन्होंने कहा, ‘जो लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार को पेट्रोल वाहनों के चश्मे से देखते हैं, वे अतीत में ही फंसे हैं। इलेक्ट्रिक बाजार काफी अलग है।’

इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में ओला की हिस्सेदारी जुलाई में 37 फीसदी से अधिक थी और वह पहले से ही इस बाजार की अव्वल नंबर कंपनी है। उद्योग ने 2022 में लगभग 7 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बेचे थे। सरकार का लक्ष्य इस साल 24 लाख के आंकड़े तक पहुंचने का है। मगर फेम2 सब्सिडी पर अनिश्चितता के कारण वित्त वर्ष 2024 का लक्ष्य शायद ही हासिल हो सके।

अग्रवाल ने कहा कि चार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर उतारकर ओला ने पेट्रोल स्कूटरों का जमाना खत्म करने में अपने हिस्से का काम कर दिया है। कंपनी ने कहा था कि 2025 तक पेट्रोल दोपहिया खत्म हो जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अब 80,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक के पांच मॉडल मौजूद हैं। इसलिए हर कीमत के स्कूटर हमारे पास हैं। मुझे यकीन है कि नए मॉडल आने के बाद अब ग्राहकों के पास पेट्रोल स्कूटर खरीदने की कोई वजह नहीं रह जाएगी।’

अग्रवाल ने यह भी कहा कि पेट्रोल स्कूटर बनाने वाली कंपनियों को ओला के 1,000 से अधिक आउटलेट्स पर जाना चाहिए और देखना चाहिए कि ग्राहकों की पसंद किस तरह बदल चुकी है।

अग्रवाल से जब पूछा गया कि अब भी इतने कम ई-स्कूटर क्यों बिक रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘तस्वीर बदल जाएगी। ये पांच स्कूटर आने से हमें बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी क्योंकि अब हमारे पास हर कीमत का ई-वाहन है। हम पहले ही अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख कर चुके हैं और इस साल के अंत तक इसे बढ़ाकर 20 लाख कर लेंगे।’

अग्रवाल ने यह भी बताया कि सेल बैटरी तकनीक और उसमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर नियंत्रण उनकी रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। फास्ट चार्जिंग, रेंज, वाहन का वजन उसी पर निर्भर करते हैं। अग्रवाल ने कहा, ‘हमने स्वतंत्रता दिवस पर अपनी सेल बैटरी दिखाई है और इसका उत्पादन जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। अगले साल के मध्य तक ये वाहनों में इस्तेमाल के लिए मिलने लगेंगी। हमें उम्मीद है कि इससे उत्पादन लागत 30-40 फीसदी घट जाएगी।’

First Published - August 21, 2023 | 8:35 PM IST

संबंधित पोस्ट