facebookmetapixel
Advertisement
Quality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्टAshok Leyland Q3FY26 Results: मुनाफा 5.19% बढ़कर ₹862.24 करोड़, रेवेन्यू भी बढ़ाUP Budget 2026: योगी सरकार का 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश, उद्योग और ऊर्जा को मिली बड़ी बढ़त$2 लाख तक का H-1B वीजा शुल्क के बावजूद तकनीकी कंपनियों की हायरिंग जारीFIIs अब किन सेक्टर्स में लगा रहे पैसा? जनवरी में ₹33,336 करोड़ की बिकवाली, डिफेंस शेयरों से दूरी

Canara Bank ने लिया यू-टर्न, Anil Ambani की कंपनी RCom के लोन अकाउंट से हटाया ‘फ्रॉड’ का टैग

Advertisement

8 नवंबर 2024 को केनरा बैंक ने इस लोन खाते को 'फ्रॉड' (धोखाधड़ी वाला) करार दिया था। बैंक ने इसके लिए कई कारण बताए थे।

Last Updated- July 10, 2025 | 4:46 PM IST
Anil Ambani

केनरा बैंक ने गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि उसने उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) से जुड़े एक लोन अकाउंट को ‘फ्रॉड’ यानी धोखाधड़ी वाला घोषित करने का निर्णय वापस ले लिया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की पीठ ने अंबानी की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि “अब इस मामले में कुछ बचा नहीं है।” इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इस अपडेट को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी सूचित किया जाए।

RCom की दिवालिया प्रक्रिया से जुड़ा है मामला

यह मामला अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications) से जुड़े एक लोन से संबंधित है। यह कंपनी फिलहाल दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Proceedings) से गुजर रही है। 8 नवंबर 2024 को केनरा बैंक ने इस लोन खाते को ‘फ्रॉड’ (धोखाधड़ी वाला) करार दिया था। बैंक ने इसके लिए कई कारण बताए थे। बैंक का कहना था कि 2017 में दिए गए ₹1,050 करोड़ के लोन को एक ग्रुप कंपनी में ट्रांसफर कर दिया गया। आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल सम्बंधित कंपनियों के पुराने कर्ज चुकाने में किया गया।

यह फैसला RBI के ‘फ्रॉड अकाउंट्स’ पर मास्टर सर्कुलर के तहत लिया गया था, जिसमें ऐसे मामलों के लिए नियम और प्रक्रिया बताई गई है।

Also Read: TCS Q1 Results: दिग्गज आईटी कंपनी को ₹12,760 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू में मामूली गिरावट; शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा

SBI ने भी RCom के खाते को फ्रॉड घोषित किया था

केनरा बैंक द्वारा अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते से फ्रॉड का टैग हटाने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी थी कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी कुछ गड़बड़ियों का हवाला देते हुए उसके लोन खाते को फ्रॉड घोषित किया था।

कंपनी को लिखे एक पत्र में, एसबीआई ने कहा, “हमने अपने कारण बताओ नोटिस के जवाबों का संज्ञान लिया है और उचित जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि लोन की शर्तों का पालन न करने या खाते में अनियमितताओं के लिए बैंक की संतुष्टि के अनुसार पर्याप्त कारण नहीं बताए गए हैं।”

अनिल अंबानी ने कोर्ट में दी थी चुनौती

इस साल फरवरी में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनिल अंबानी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत होते हुए केनरा बैंक द्वारा लगाए गए ‘फ्रॉड’ टैग पर रोक लगा दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह सवाल उठाया था कि क्या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) उन बैंकों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है जो उसकी गाइडलाइंस और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन नहीं करते — जिनमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी खाते को धोखाधड़ी (फ्रॉड) घोषित करने से पहले उधारकर्ता को सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए।

अनिल अंबानी की ओर से दायर याचिका भी इसी सिद्धांत पर आधारित थी। उनका तर्क था कि केनरा बैंक ने ‘फ्रॉड’ घोषित करने से पहले उन्हें कोई सुनवाई का अवसर नहीं दिया।

Advertisement
First Published - July 10, 2025 | 4:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement