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रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध से निवेशकों की चिंता बढ़ी, 2020-24 में 1 अरब डॉलर का निवेश दांव पर

कुछ प्रमुख निवेशकों में पीक-15, टाइगर ग्लोबल, वाई कॉम्बिनेटर, लुमिकाई, नजारा टेक्नोलॉजीज और अन्य शामिल हैं।

Last Updated- August 21, 2025 | 10:54 AM IST
real money games

उद्यम पूंजी (वीसी) कंपनियों ने वर्ष 2020 और 2024 के बीच रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) फर्मों मे लगभग 1 अरब डॉलर का निवेश किया है। लेकिन केंद्र सरकार के Real Money Games (आरएमजी) पर प्रतिबंध के कारण यह पूंजी अब खतरे में पड़ गई है। इस क्षेत्र का चरम 2021 में था जब उसने फंडिंग के 32 राउंड में 45 करोड़ डॉलर जुटाए। यह राशि 2020 में 21 राउंड में जुटाए गए 13.54 करोड़ डॉलर से तीन गुना ज्यादा थी।

ट्रैक्सन के अनुसार इस क्षेत्र ने वर्ष 2022 में 22 राउंड में 33.2 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई जबकि 2023 में छह राउंड में यह घटकर 2.06 करोड़ डॉलर और 2024 में केवल तीन राउंड में 1.95 करोड़ डॉलर रह गई। इस दौरान कंपनियों ने फंडिंग के बड़े राउंड हासिल किए।

ट्रैक्सन के अनुसार प्रमुख स्किल गेमिंग कंपनियों ने हाल के वर्षों के दौरान बड़ी पूंजी जुटाई है। इनमें हेड डिजिटल वर्क्स ने 2005 में अपनी स्थापना के बाद से 8.1 करोड़ डॉलर, गेम्स24एक्स7 ने 2006 से 10.8 करोड़ डॉलर, ड्रीम स्पोर्ट्स ने 2008 से 1.24 अरब डॉलर, मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) ने 2018 से 39.6 करोड़ डॉलर, जुपी ने 2018 से 12.2 करोड़ डॉलर और विनजो ने 2018 से 9.2 करोड़ डॉलर जुटाए हैं।

यह भी पढ़ें: रियल मनी गेम्स बैन के खिलाफ गेमिंग इंडस्ट्री की गुहार, अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग

कुछ प्रमुख निवेशकों में पीक-15, टाइगर ग्लोबल, वाई कॉम्बिनेटर, लुमिकाई, नजारा टेक्नोलॉजीज और अन्य शामिल हैं। ये कंपनियां गैर- रियल मनी गेमिंग या फ्री-टु-प्ले पेशकशों से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि रियल मनी गेमिंग का अपने व्यावसायिक पैमाने पर दबदबा बना हुआ है।

खेतान ऐंड कंपनी में पार्टनर अनिरुद्ध बसु ने कहा, ‘रियल मनी गेमिंग का सार यह है कि उपयोगकर्ता पैसों के लालच में कौशल-आधारित खेलों में हिस्सा लेते हैं। इसलिए यह प्रस्तावित कानून उपयोगकर्ताओं और गेमिंग कंपनियों दोनों पर इस परिचालन मॉडल का सीधे असर होगा। अल्पावधि में उपयोगकर्ताओं, गेमिंग कंपनियों और निवेशकों के बीच काफी ज्यादा अनिश्चितता बने रहने की संभावना है।’ फरवरी में हेड डिजिटल वर्क्स ,जो ए23 रम्मी और ए23 पोकर का संचालन करती है, ने कहा कि वह ऑनलाइन पोकर प्लेटफॉर्म अड्डा52 के स्वामित्व वाली कंपनी डेल्टाटेक गेमिंग का 491 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगी।

2024 में, नजारा टेक्नोलॉजीज ने भारत के गेमिंग क्षेत्र में सबसे बड़े विलय-अधिग्रहण सौदों में से एक की घोषणा की। उसने पोकरबाजी की मूल कंपनी मूनशाइन टेक्नोलॉजी (एमटीपीएल) में 982 करोड़ रुपये में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की।

First Published - August 21, 2025 | 10:40 AM IST

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