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फ्रोजन फूड का कारोबार बढ़ाएगी अरविंद मिल्स

Last Updated- December 06, 2022 | 11:42 PM IST

अहमदाबाद की वस्त्र निर्माता कंपनी अरविंद मिल्स लिमिटेड ने ‘इंडीविजुअली क्विक फ्रोजन’ (आईक्यूएफ) खाद्य उत्पादों के कारोबार में कई और उत्पाद शामिल करने की योजना बनाई है।


आईक्यूएफ खाद्य उत्पाद ब्लैंचिंग नामक एक विशेष प्रक्रिया के तहत विकसित किए जाते हैं जिसमें सब्जियों और दालों को एक खास तापमान में उबाला जाता है और इन्हें दूषित होने से बचाने के लिए फ्रीजिंग के लिए भेजा जाता है।


2008 के अंत तक कंपनी पूरे देश में लेडीज फिंगर, पिजन पीज और स्वीट कॉर्न जैसी फ्रोजन ऑर्गेनिक सब्जियों और दालों का कारोबार भी शुरू करेगी। वैसे, कंपनी पुणे, नागपुर और आनंद जैसे शहरों में आईक्यूएफ संयंत्र पहले ही स्थापित कर चुकी है और अब वह ब्रांडिंग और उत्पादों के विपणन पर निवेश करने की योजना बना रही है।


कंपनी का नया कारोबार महाराष्ट्र के अकोला क्षेत्र में इसकी जैविक कपास परियोजना का परिणाम है। अरविंद के प्रमुख कृषि निर्यात प्रबंधक महेश रामाकृष्ण्न ने बताया, ‘कंपनी अकोला में किसानों के साथ जैविक कपास पर काम कर रही है और हमने लेडीज फिंगर और पिजन पीज जैसी सब्जियों और दालों से जुड़ी जैविक फसलों की खेती के लिए कुछ एकड़ भूमि आरक्षित की है। इस वर्ष अच्छी पैदावार के साथ हमने आईक्यूएफ खाद्य उत्पादों में उद्यम का फैसला किया है।’


अकोला क्षेत्र में 500 एकड़ की भूमि पर इन जैविक खाद्य उत्पादों की खेती की जा रही है। कंपनी उपक्रम की सफलता पर निर्भर रह कर इसे और बढ़ाना चाहती है। भारत की तुलना में पश्चिमी देशों में आईक्यूएफ खाद्य उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही कंपनी अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अन्य प्रमुख खाद्य उत्पाद निर्माताओं के लिए भी काम करने को इच्छुक है।


रामाकृष्णन ने कहा, ‘वस्त्र हमारा प्रमुख कारोबार क्षेत्र है, लेकिन हम आईक्यूएफ खाद्य उत्पादों पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं या अन्य प्रमुख कंपनियों के लिए काम कर सकते हैं।’ हालांकि कंपनी ब्रांडिंग खंड पर कायम है। इसका मानना है कि उसके उत्पादों को ‘अरविंद प्रोडक्ट्स’ ब्रांड नाम के तहत बेचा जा सकेगा। कंपनी गुजरात और कर्नाटक जैसे अन्य राज्यों में अपनी परियोजना के अलावा अकोला क्षेत्र में अपनी जैविक कपास परियोजना का दायरा और बढ़ा रही है।


अगले वर्ष तक अरविंद मिल्स को परियोजना से जैविक कपास का उत्पादन 1200 बेल्स (गट्ठर) से बढ़ कर 4500 बेल्स तक पहुंच जाने की संभावना है। कंपनी का कहना है कि वह अकोला में ‘अरविंद ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स सोसायटी’ की तरह गुजरात और कर्नाटक में भी किसान समितियां बनाएगी।

First Published - May 15, 2008 | 12:51 AM IST

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