facebookmetapixel
Advertisement
क्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा‘रणनीतिक स्वायत्तता के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना जरूरी’, बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?AI संप्रभुता पर जोर: BS Manthan समिट में एक्सपर्ट्स ने स्वदेशी मॉडल और डेटा नियंत्रण को बताया जरूरी

नागरिक सेवाओं में AI से होंगे बड़े बदलाव, वैश्विक समझौते की जरूरत: अरुंधति भट्टाचार्य

Advertisement

सेल्सफोर्स इंडिया की सीईओ और चेयरपर्सन भट्टाचार्य ने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवा से लेकर शिक्षा और कौशल विकास तक हर क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए तैयार है।

Last Updated- June 30, 2024 | 5:25 PM IST
नागरिक सेवाओं में AI से होंगे बड़े बदलाव, वैश्विक समझौते की जरूरत: अरुंधति भट्टाचार्य, AI to be gamechanger for India in citizen services: Salesforce's Arundhati
Arundhati Bhattacharya, The CEO And Chairperson Of Salesforce India

सेल्सफोर्स इंडिया की शीर्ष अधिकारी अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि एआई की सीमा पार प्रकृति को देखते हुए वैश्विक समझौते की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस समझौते की मदद से इसका लाभ पूरी मानवता तक पहुंचाने और किसी भी संभावित दुरुपयोग से बचने में मदद मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में बड़े बदलाव लाएगी।

सेल्सफोर्स इंडिया की सीईओ और चेयरपर्सन तथा एसबीआई की पूर्व चेयरपर्सन भट्टाचार्य ने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवा से लेकर शिक्षा और कौशल विकास तक हर क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए तैयार है।

भट्टाचार्य ने एक साक्षात्कार में कहा कि इस भविष्य की तकनीक के आने से भारत को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी की सीमा-पार प्रकृति और इसके प्रभाव को देखते हुए एआई पर वैश्विक समझौते की जरूरत है।

भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि एआई समाज को लाभ पहुंचाएगा, लेकिन गलत हाथों में यह काफी हानिकारक साबित हो सकता है और इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।

Advertisement
First Published - June 30, 2024 | 5:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement