facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर बड़ा वार, IRS डेटा से तेज होंगे डिपोर्टेशनBS Manthan 2026: भारत में अवसरों की भरमार, सरकार के लिए हर इंडस्ट्री एकसमान – FM सीतारमणटेक और AI बदल रहे भारत में प्रतिस्पर्धा का माहौल: CCI चेयरपर्सन रवनीत कौरचीन से क्या सीखकर बदलेगा भारत का भविष्य? अमिताभ कांत ने बताया रास्तादूसरे देशों पर टैरिफ लगाकर इनकम टैक्स खत्म करने की तैयारी में ट्रंप! ऐलान ने मचाई हलचलसिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ काफी नहीं, ह्यूमन डेवलपमेंट पर भी फोकस जरुरी: BS मंथन में बोले अमिताभ कांतऊंची ब्याज दरों के बावजूद चमका सोना, बदल रही है निवेशकों की सोचBS Manthan 2026: भारत के भविष्य का ब्लूप्रिंट आज होगा तैयार, मंच पर होंगे निर्मला सीतारमण और प्रल्हाद जोशी; जानें किस सेशन में क्या खासGold-Silver Price Today: MCX पर सोना 1.60 लाख के पार, चांदी में भी तूफानी तेजी; गहने खरीदने से पहले चेक करें आज के रेटUS Tariffs: भारत के सोलर कारोबार पर ट्रंप का टैरिफ वार, 126% शुल्क से मचा हड़कंप

टेक और AI बदल रहे भारत में प्रतिस्पर्धा का माहौल: CCI चेयरपर्सन रवनीत कौर

Advertisement

कौर ने बताया कि एआई के कई फायदे भी हैं। काम में तेजी, बेहतर सर्विसेज और उपभोक्ताओं की पसंद को जल्दी समझना। लेकिन इसके साथ कुछ खतरे भी हैं।

Last Updated- February 25, 2026 | 12:23 PM IST

BS Manthan 2026: बड़ी टेक कंपनियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते विस्तार ने भारत में प्रतिस्पर्धा के माहौल को बदल दिया है। इसी वजह से अब इन पर नियामक (रेगुलेटर) की नजर और कड़ी हो गई है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की चेयरपर्सन रवनीत कौर ने यह बात कही।

कौर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड मंथन समिट (BS Manthan) के दूसरे दिन कहा कि पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल बाजार और बड़ी टेक कंपनियां सीसीआई के लिए खास फोकस का क्षेत्र बन गई हैं। उन्होंने बताया कि भारत में डिजिटल मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है और इससे प्रतिस्पर्धा से जुड़े नए सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बड़ी टेक कंपनियों से कुछ जोखिम भी पैदा होते हैं। अपने ही प्रोडक्ट को प्राथमिकता देना (सेल्फ-प्रेफरेंसिंग), एक सेवा के साथ दूसरी सेवा को जबरन जोड़ना (टाइंग और बंडलिंग), प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते और उपभोक्ताओं पर अनुचित शर्तें थोपना।

यह भी पढ़ें | चीन से क्या सीखकर बदलेगा भारत का भविष्य? अमिताभ कांत ने बताया रास्ता

AI से बढ़ी चुनोतियां, लेकिन फायदे भी

उन्होंने आगे कहा कि एआई के आने से ये चुनौतियां और तेज हो गई हैं। बदलाव की रफ्तार इतनी तेज है कि सीसीआई को समझने के लिए एआई और प्रतिस्पर्धा पर एक मार्केट स्टडी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि हम खुद को उन मुद्दों से निपटने के लिए तैयार कर रहे हैं जो जल्द सामने आ सकते हैं।

कौर ने बताया कि एआई के कई फायदे भी हैं। काम में तेजी, बेहतर सर्विसेज और उपभोक्ताओं की पसंद को जल्दी समझना। लेकिन इसके साथ कुछ खतरे भी हैं। जैसे अलग-अलग लोगों से अलग-अलग कीमत वसूलना।

उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ पसंद के अनुसार विकल्प दिए जाएं तो ठीक है। लेकिन अगर एआई के जरिए किसी ग्राहक से ज्यादा कीमत ली जाए, तो यह समस्या बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि एआई सिस्टम अक्सर पारदर्शी नहीं होते। स्टडी में यह सामने आया कि इन सिस्टम्स को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या सीसीआई खुद भी एआई का इस्तेमाल कर रही है, तो उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है। लेकिन बहुत सावधानी के साथ। उन्होंने कहा कि डेटा एक बड़ी चिंता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सीसीआई के पास बेहद संवेदनशील और गोपनीय व्यावसायिक जानकारी होती है। इसलिए बिना पूरी सुरक्षा सुनिश्चित किए किसी भी एआई टूल को अपनाया नहीं जा सकता।

Advertisement
First Published - February 25, 2026 | 11:51 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement