facebookmetapixel
Advertisement
1601 नंबर से आएगी अधिकृत कॉल, TRAI ने ठगी रोकने के लिए बढ़ाया दायरानरसिम्हा राव-मनमोहन से वाजपेयी-मोदी तक: एनके सिंह ने बताया कैसे बदला भारत की आर्थिक स्थिरता का सफरझारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित धांधली पर बवाल, छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्जGen Z तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में RSS, विशाखापत्तनम में होगी अहम बैठकBP India 2030 तक तेल-गैस क्षेत्र में करेगी $4 अरब का निवेश, ‘समुद्र मंथन’ योजना से कंपनी को बड़ी उम्मीदेंBrand Canvas 2026 का ग्रैंड फिनाले 11 अगस्त को बेंगलूरु में, 10 टीमें करेंगी मुकाबलाAI जॉब्स के लिए स्किल गैप की जानकारी नहीं, PMKVY 4.0 में 53,449 ने कराया रजिस्ट्रेशनग्राहकों-छोटे दुकानदारों के लिए UPI रहेगा फ्री, केवल बड़े कारोबारी लेनदेन पर ही MDR लागू करने की तैयारी: FMअमेरिकी टेक यूनिकॉर्न में बढ़ी भारत की हिस्सेदारी, हर 10 में 1 कर्मचारी भारतीयFCNR(B) योजना से बॉन्ड बाजार में आई बहार, 5 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट

सिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ काफी नहीं, ह्यूमन डेवलपमेंट पर भी फोकस जरुरी: BS मंथन में बोले अमिताभ कांत

Advertisement

BS Manthan: पूर्व जी20 शेरपा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बात करते हुए घरेलू एआई प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

Last Updated- February 25, 2026 | 11:28 AM IST
BS Manthan 2026 G20 Sherpa Amitabh Kant

BS Manthan 2026: नीति आयोग के पूर्व सीईओ और अमिताभ कांत (Amitabh Kant) का कहना है कि भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की र्थव्यवस्था बनने के लिए शहरों के विकास जैसे कुछ अहम क्षेत्रों पर लगातार ध्यान देना होगा।

कांत ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित BS Manthan Summit में कहा कि देश में शहरीकरण ऐसा होना चाहिए जो टिकाऊ हो। उन्होंने कहा कि शहरों को इस तरह से तैयार किया जाए कि पर्यावरण सुरक्षित रहे और सुविधाएं भी बढ़ें। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़े पैमाने पर बढ़ाना होगा ताकि भारत दुनिया के लिए अधिक उत्पादन कर सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार करके ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भारत की स्थिति बेहतर करनी होगी। इसके अलावा कम से कम 12 राज्यों को अगले तीन दशकों तक 10 प्रतिशत से अधिक की ग्रोथ रेट से बढ़ना तभी देश तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में प्राइवेट क्रेडिट-टू-जीडीपी रेश्यो बढ़ना चाहिए। यानी उद्योगों और लोगों को अधिक कर्ज उपलब्ध होना चाहिए ताकि निवेश और कारोबार बढ़ सके।

घरेलू AI प्लेटफॉर्म यूज करे: कांत

पूर्व जी20 शेरपा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में बात करते हुए घरेलू एआई प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ”अगर भारतीय लोग सर्वम एआई (Sarvam AI) जैसे घरेलू प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं करेंगे, तो उनके लिए वैश्विक AI मॉडलों से प्रतिस्पर्धा करना कठिन होगा।”

कांत के अनुसार, भारत को बढ़ते एआई उपयोग के बीच इनोवेटिव और हाई क्वालिटी वाला सॉफ्टवेयर तैयार करना होगा, जो कम कंप्यूटिंग पावर में भी प्रभावी ढंग से काम कर सके। उनका कहना है कि लंबे समय में एआई एक सामान्य तकनीक बन जाएगा, इसलिए अभी से मजबूत नींव तैयार करनी जरूरी है।

यह भी पढ़ें | BS Manthan 2026 में सुमन बेरी ने कहा: उत्पादकता में चीन से काफी पीछे है भारत, पूंजी बढ़ाने की है सख्त जरूरत

अमेरिकी टैरिफ की चुनौती

BS Manthan Summit में कांत ने कहा कि अमेरिका की व्यापार नीतियों में अनिश्चितता, खासकर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के लगाए गए टैरिफ ने वैश्विक कारोबार के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीतियां अब स्थिर नहीं रहीं। आज जो घोषणा होती है, वह कल बदल भी सकती है। कई फैसलों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है और हर बात बातचीत के जरिए बदल सकती है।

उनका मानना है कि ऐसे समय में जल्दबाज़ी में फैसले लेने के बजाय धैर्य रखना चाहिए। व्यापार के लिए लंबे समय तक स्थिर और स्पष्ट नीतियाँ जरूरी होती हैं, इसलिए इंतजार कर स्थिति को समझना बेहतर है।

Advertisement
First Published - February 25, 2026 | 10:49 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement