हाल में अपनी पेट्रोकेमिकल्स इकाई शुरू करने वाली कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज विभिन्न प्रकार के ग्रीन ईंधन की पेशकश करने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी अपनी मौजूदा आपूर्ति शृंखला करेगी। इसके अलावा ग्रीन ईंधन के उत्पादन एवं परिवहन के लिए कंपनी अपनी नवीकरणीय ऊर्जा इकाइयों का उपयोग करेगी।
अदाणी एंटरप्राइजेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन मेथनॉल, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन उर्वरक का उत्पादन करने की योजना बना रही है। इनमें से हरेक ईंधन के लिए अदाणी अलग-अलग ग्राहक वर्ग तक पहुंचने की योजना बना रही है। इसके अलावा कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन एवं ग्रीन उर्वरक के लिए सरकार की ओर से जारी निविदाओं में भी भाग लेगी।
अदाणी एंटरप्राइजेज इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को टक्कर देने की तैयारी कर रही है जिसकी पेट्रोकेमिकल्स कारोबार में उल्लेखनीय मौजूदगी है। हाल में उसने 75,000 करोड़ रुपये की अपनी निवेश योजना के साथ ग्रीन एनर्जी कारोबार में दस्तक देने की घोषणा की थी। इसी साल अगस्त में अदाणी ने एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी पेट्रोकेमिकल्स की घोषणा की थी जो रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स, विशेष रसायन इकाइयां, हाइड्रोजन एवं संबंधित रसायन संयंत्र स्थापित करेगी।
ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में अपनी पायलट परियोजनाओं के पहले चरण में अदाणी ने वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनी अशोक लीलैंड के साथ करार किया है ताकि उसके चुनिंदा बेड़ों को ग्रीन मेथनॉल की आपूर्ति की जा सके। सूत्रों ने कहा कि अदाणी वीआरएल लॉजिस्टिक्स के साथ एक पायलट परियोजना शुरू करेगी जिसके पास अशोक लीलैंड के वाणिज्यिक वाहनों का सबसे बड़ा बेड़ा है। इसके तहत 250 वाहनों को 10 फीसदी ब्लेंडेड ग्रीन मेथनॉल पर चलाया जाएगा।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वीआरएल के बेड़े में करीब 250 वाणिज्यिक वाहनों को 10 फीसदी ग्रीन मेथनॉल पर चलाया जाएगा। इसके लिए आईसी इंजन में मामूली बदलाव करने की आवश्यकता होगी। इस योजना को वीआरएल द्वारा मंजूरी दे दी गई है और तैनाती जल्द शुरू हो जाएगी।’ अदाणी समूह के साथ करार के बारे में पूछे जाने पर अशोक लीलैंड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एन श्रवणन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हम कई वैकल्पिक ईंधन पर विभिन्न साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं जैसे सीएनजी/एलएनजी, मेथनॉल और हाइड्रोजन। हमारी नजर अगले दो-तीन साल में वैकल्पिक ईंधन क्षेत्र में वाणिज्यिक वाहनोंं का एक पूर्ण पोर्टफोलियो तैयार करने पर है।’ अशोक लीलैंड 10 फीसदी ब्लेंडेड मेथनॉल से सार्वजनिक परिवहन एवं स्टीमर के संचालन के लिए केरल परिवहन विभाग से भी बातचीत कर रही है।
अदाणी एंटरप्राइजेज के प्रवक्ता को भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया।
अदाणी और आरआईएल ने ऐसे समय में यह पहल की है जब केंद्र सरकार मेथनॉल इकनॉमी की ओर कदम बढ़ाने के लिए नीति आयोग के जरिये एक रूपरेखा तैयार कर रही है। पिछले महीने जारी एक वर्किंग पेपर में कहा गया है कि हमारी रणनीति देश के आयात बिल को कम करना, उत्सर्जन में कटौती करना और नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट को मेथनॉल में बदलना है।