facebookmetapixel
Advertisement
सूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?Stock Market Today: RBI के फैसले से पहले शेयर बाजार में तेजी के संकेत, GIFT Nifty 172 अंक उछलाLIC OFS को संस्थागत निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला ऑफरRBI MPC August 2026: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा आज करेंगे रीपो रेट का ऐलान; जानें लाइव स्ट्रीमिंग, समय और पूरी डीटेल80 डॉलर से नीचे ब्रेंट, 75 डॉलर से नीचे WTI; तेल बाजार में बड़ी गिरावटStocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरू

Adani की कंपनी बनाएगी एंटी-सबमरीन वारफेयर सिस्टम, अमेरिकी कंपनी Sparton से मिलाया हाथ

Advertisement

सोनोबॉय (Sonobuoys) ऐसी जरूरी तकनीक हैं जो समुद्र के भीतर की जानकारी (Undersea Domain Awareness - UDA) बढ़ाने में मदद करती हैं।

Last Updated- May 18, 2025 | 8:24 PM IST
Adani Defense

अरबपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) की कंपनी अब भारतीय नौसेना के लिए एंटी-सबमरीन वारफेयर सिस्टम बनाएगी। डिफेंस सेक्टर में काम करने वाली अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस (Adani Defence & Aerospace) ने अमेरिका कंपनी स्पार्टन (Sparton) के साथ इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और नेविगेशन सिस्टम विकसित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इनका इस्तेमाल पनडुब्बी रोधी युद्ध (anti submarine war) के लिए किया जा सकता है।

ASW सिस्टम बनाने वाली भारत की पहली निजी कंपनी

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने एक बयान में कहा कि उसने भारतीय नौसेना के लिए पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) सॉल्यूशन जुटाने के लिए स्पार्टन (DeLeon Springs LLC) के साथ एक बाध्यकारी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत भारत में सोनोबॉय (sonobuoys) और अन्य ASW प्रणालियों के संयोजन को स्थानीय बनाना है। यह भारतीय नौसेना को स्वदेशी सोनोबॉय सॉल्यूशन प्रदान करने वाली भारत की पहली निजी कंपनी होगी।

Also read: Vodafone Idea: सरकार ने माफ नहीं किया 5 अरब डॉलर का बकाया, सुप्रीम कोर्ट पहुंची कंपनी, CEO ने दी ऑपरेशन बंद होने की चेतावनी

स्वेदेशी सोनोबॉय से नेवी की बढ़ेगी ताकत

सोनोबॉय (Sonobuoys) ऐसी जरूरी तकनीक हैं जो समुद्र के भीतर की जानकारी (Undersea Domain Awareness – UDA) बढ़ाने में मदद करती हैं। ये पनडुब्बियों और अन्य पानी के नीचे छिपे खतरों को पहचानने, ढूंढने और ट्रैक करने के लिए कारगर तरीका हैं। ये एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) और नौसेना के दूसरे ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे नौसैनिक सुरक्षा बनाए रखने और कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स की रक्षा करने में मदद मिलती है।

कई दशकों से भारत इस महत्वपूर्ण नौसेना तकनीक को विदेशी बाजारों से आयात करता रहा है, जिससे विदेशी कंपनियों (OEMs) पर हमारी निर्भरता बढ़ी है।

देश के लिए ASW सिस्टम जरूरी- जीत अदाणी

अदाणी एंटरप्राइजेज के वाइस प्रेसिडेंट जीत अदाणी ने कहा, “समुद्री क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बीच, भारत की अंडरसी वारफेयर क्षमता को मजबूत करना सिर्फ एक रणनीतिक प्राथमिकता नहीं, बल्कि हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अनिवार्य है।” उन्होंने कहा, “भारतीय नौसेना को ऐसे इंटीग्रेटेड और मिशन-रेडी ISR और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सॉल्यूशनों की जरूरत है, जिनमें सोनोबॉय जैसी महत्वपूर्ण सिस्टम शामिल हों— ये स्वदेशी रूप से विकसित, तेजी से तैनात की जा सकने वाली और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होनी चाहिए।”

“स्पार्टन के साथ इस साझेदारी के जरिए, अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस स्वदेशी सोनोबॉय सॉल्यूशन देने वाली भारत की पहली निजी कंपनी बन गई है। इससे न केवल एडवांस तकनीकों तक पहुंच बनेगी, बल्कि एक आत्मनिर्भर डिफेंस इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।”

Also read: पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क में थी हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, मोबाइल-लैपटॉप से संदिग्ध सामग्री बरामद

क्या करती है स्पार्टन?

फ्लोरिडा के डे लियोन स्प्रिंग्स में मुख्यालय वाली स्पार्टन अमेरिकी नौसेना और संबद्ध सैन्य बलों के लिए समुद्री युद्ध का समर्थन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डेवलप, मैन्युफैक्चर और सप्लाई करती है। दिसंबर, 2020 में इस कंपनी को इजरायली रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एल्बिट सिस्टम्स लिमिटेड ने अधिग्रहित कर लिया था।

मौजूदा समझौते से पहले, अदाणी ग्रुप ने 2018 में इजरायली हथियार कंपनी एल्बिट सिस्टम्स के साथ घातक हर्मीस 900 ड्रोन बनाने के लिए एक संयुक्त उद्यम साझेदारी स्थापित की थी। साल 2020 में, अदाणी-एलबिट ने ‘मिनी’ ड्रोन मिसाइल हथियार उत्पादन की घोषणा की। अदाणी समूह ने हमलावर हथियार, स्नाइपर राइफल और मशीन गन बनाने के लिए इज़राइल वेपन इंडस्ट्रीज के साथ भी साझेदारी की है।

Advertisement
First Published - May 18, 2025 | 8:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement