facebookmetapixel
Advertisement
Share Market Crash: IT शेयरों में भारी बिकवाली से मचा हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा टूटा40 सुपरटैंकर और 80 मिलियन बैरल तेल: जानिए क्यों दुनिया भर की नजरें टिकी हैं होर्मुज परमहंगाई को लेकर सावधान रहने की जरूरत, इसलिए नहीं बदलीं ब्याज दरें: RBI गवर्नर संजय मल्होत्राMF मार्केट में बड़ा बदलाव! Zerodha लाया पहला ‘लाइफ साइकिल फंड’, सिर्फ ₹100 से निवेश की होगी शुरुआतग्रीन एनर्जी पर RIL का मेगा प्लान! जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स, कच्छ सोलर फार्म बनेंगे गेमचेंजर; बनेंगी 2 लाख नौकरियांApple यूजर्स को बड़ा झटका! महंगे हो सकते हैं iPhone, जानें वजह₹1 लाख करोड़ का बिजनेस, JIO IPO, Ajio और JioMart का विस्तार: ईशा अंबानी ने बताया RCPL का फ्यूचर प्लानITR filing: फॉर्म 16 से गायब रह सकती हैं ये 10 तरह की कमाई, ITR फाइल करते समय भूलना पड़ सकता है भारीRIL AGM 2026: जामनगर बनेगा दुनिया की पहली ऑटोनॉमस रिफाइनरी, पश्चिम एशिया संकट में 4 गुना बढ़ाई LPG सप्लाईReliance AGM में बोलीं ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल ने FY26 में रचा इतिहास, जियोमार्ट बना सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क

समय से पहले शुरू हुई गेहूं की बुआई

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 1:49 AM IST

अनुकूल मौसम के कारण हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में रबी फसल की बुआई की शुरुआत हो चुकी है।


वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि समय से पहले बुआई की शुरुआत मौसम की अनुकूलता की वजह से हुई है। करनाल स्थित गेहूं अनुसंधान केंद्र के निदेशक बी. मिश्रा ने कहा कि अच्छी नमी और मौसम के अनुकूल होने के चलते कुछ राज्यों में समय से पहले गेहूं की बुआई शुरू हो गई है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में गेहूं की बुआई छह दिन पहले शुरू हुई जबकि महाराष्ट्र और गुजरात ने भी इस साल समय से पहले बुआई शुरू कर दी है। सामान्य तौर पर गेहूं की बुआई 30 अक्टूबर से 15 नवंबर के  बीच शुरू होती है।

मिश्रा ने कहा कि गेहूं के सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश के केवल पश्चिमी भाग में ही इस समय बुआई शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि यूपी के केंद्रीय इलाके में गेहूं की बुआई में देरी हो सकती है क्योंकि वहां किसी और फसल के लगे होने की वजह से समय लग सकता है। उधर, पंजाब के किसान शुक्रवार से गेहूं की बुआई शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

बी. मिश्रा ने कहा कि गेहूं उत्पादक राज्य मसलन उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में इस साल औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इस वजह से जमीन की नमी में बढ़ोतरी हुई है। नमी में हुई बढ़ोतरी गेहूं की बुआई में काफी सहायक साबित होगा। फिलहाल इन राज्यों का तापमान रात में लगभग 19 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच है।

उन्होंने कहा कि इस साल गेहूं की बुआई करीब 2.9 करोड़ हेक्टेयर में होने की उम्मीद है और इसकी पैदावार में 20 लाख टन की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि उत्पादकता में बढ़ोतरी विभिन्न इलाकों में अलग-अलग और मौसम पर निर्भर करेगी।

मिश्रा ने कहा कि इस साल गेहूं की बुआई के लिए इसकी सात किस्मों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में डीबीडब्ल्यू-17 किस्म की मांग सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इनके अलावा बुआई के लिए पीबीडब्ल्यू-550 और एचडी-2687 किस्म के गेहूं की भी मांग है।

पिछले साल भारत में 7.84 करोड़ टन गेहूं की पैदावार हुई थी। हालांकि सरकार ने 2008-09 में एक लाख टन ज्यादा गेहूं की पैदावार का लक्ष्य रखा है। हाल में हुए रबी सम्मेलन में विभिन्न राज्यों ने पैदावार बढाने के लिए समय पर गेहूं की बुआई व इसे नवंबर के अंत तक समाप्त करना सुनिश्चित किया था।

Advertisement
First Published - October 30, 2008 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement