facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Wheat OMSS: FCI ने ई-नीलामी के पहले दिन होलसेल कंज्यूमर्स को 8.88 लाख टन गेहूं बेचा

Last Updated- February 02, 2023 | 4:22 PM IST
Wheat prices at 9 month high, demand of flour mills from government to release stock intensifies गेहूं के दाम 9 महीने के हाई पर, आटा मिलों की सरकार से स्टॉक जारी करने की मांग तेज

सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने 22 राज्यों में ई-नीलामी के पहले दिन आटा चक्की मालिकों जैसे थोक उपभोक्ताओं को 8.88 लाख टन गेहूं बेचा है। खाद्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

एफसीआई ने गेहूं की घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए थोक उपयोगकर्ताओं को गेहूं बेचने के ध्येय से मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत एक फरवरी को गेहूं की ई-नीलामी शुरू की।

पहले दिन, इसने ओएमएसएस के तहत निर्धारित 25 लाख टन के मुकाबले लगभग 22 लाख टन गेहूं की बिक्री की पेशकश की।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘पहली ई-नीलामी में भाग लेने के लिए 1,100 से अधिक बोली लगाने वाले आगे आए। ई-नीलामी के पहले दिन 22 राज्यों में 8.88 लाख टन गेहूं की बिक्री की गई।’’ राजस्थान में गुरुवार को बोली लगाई जाएगी। गेहूं की आगे की बिक्री, प्रत्येक बुधवार को पूरे देश में ई-नीलामी के माध्यम से 15 मार्च तक जारी रहेगी। गेहूं को 2,350 रुपये प्रति क्विंटल के आरक्षित मूल्य और भाड़ा शुल्क के साथ पेश किया जा रहा है।

एक खरीदार अधिकतम 3,000 टन और न्यूनतम 10 टन के लिए बोली लगा सकता है। पिछले महीने सरकार ने गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ओएमएसएस के तहत अपने बफर स्टॉक से 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने की योजना की घोषणा की थी। एफसीआई 30 लाख टन में से 25 लाख टन गेहूं, आटा चक्की जैसे थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के माध्यम से बेचेगा और दो लाख टन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बेचेगा।

लगभग तीन लाख टन गेहूं ई-नीलामी के बिना केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ और नेफेड जैसे राज्य-सार्वजनिक उपक्रमों, सहकारी समितियों और संघों को 2,350 रुपये प्रति क्विंटल की रियायती दर पर दिया जाएगा, ताकि गेहूं को आटे में बदला जा सके और इसे 29.50 रुपये प्रति किलोग्राम के अधिकतम खुदरा मूल्य पर जनता को उपलब्ध कराया जा सके।

मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) को सात राज्यों में ओएमएसएस के तहत 50,000 टन गेहूं का स्टॉक उठाने की अनुमति दी गई है। देश भर में आटे की कीमत कम करने के लिए इस योजना के तहत नेफेड और केंद्रीय भंडार को लगभग एक लाख टन गेहूं आवंटित किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से दो महीने की अवधि के भीतर एक योजना के माध्यम से 30 लाख टन गेहूं को बाजार में उतारने से इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी और साथ ही गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों को रोकने में मदद मिलेगी और इससे आम आदमी को बहुत राहत मिलेगी।’’

First Published - February 2, 2023 | 4:22 PM IST

संबंधित पोस्ट