facebookmetapixel
Advertisement
भारत समेत 16 देशों पर शुल्क जांच का जो​खिम, अतिरिक्त उत्पादन अमेरिकी उद्योग को प्रभावित कर रहा!भारत-ईरान से बातचीत में व्यस्त: होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय पोतों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशRBI और ESMA के एमओयू पर भारत को नए सिरे से बातचीत की जरूरत: सीसीआईएल मान्यता पर विवादLPG की कमी से QSR शेयर संकट में, एक्सपर्ट्स ने पैनिक सेलिंग से बेचने की दी सलाहSIF की तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता, AUM 10,000 करोड़ रुपये के करीबदेश की पहली पैसिव हाइब्रिड म्युचुअल फंड योजना के लिए रास्ता साफ, एडलवाइस ने किया ऐलानडॉलर के मुकाबले 92.37 के नए निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, RBI के हस्तक्षेप से कुछ हद तक सुधारईरान के हमले बढ़ाने से टूटे बाजार, सेंसेक्स 829 अंक टूटा; निवेशकों के ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहाEditorial: हर घर जल की दिशा में नया चरण और डिजिटल निगरानीविकसित भारत के लिए बैंकिंग समिति का सुझाव कितना अहम

खरीफ सीजन: भारत में अरहर, उड़द और मूंगफली का घटेगा उत्पादन

Advertisement

बैंक आफ बड़ौदा ने कहा है कि चावल का उत्पादन 1,130 से 1,150 लाख टन रहने का अनुमान है, जो खरीफ 2022 के 1,105.1 लाख टन की तुलना में ज्यादा है।

Last Updated- October 25, 2023 | 11:02 PM IST
India’s tur, urad and groundnut production might fall in kharif 2023, says BoB analysis

भारत का अरहर, उड़द और मूंगफली उत्पादन इस खरीफ सत्र में गिरकर पिछले 3 साल के निचले स्तर पर पहुंच सकता है। बैंक आफ बड़ौदा के एक विश्लेषण में यह जानकारी दी गई है। इस सीजन की सबसे बड़ी फसल धान का उत्पादन पिछले खरीफ सीजन से ज्यादा रहने की संभावना है।

विश्लेषण से पता चलता है कि 2023 खरीफ सीजन में अरहर का उत्पादन करीब 32.2 से 32.7 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि 2022-23 सीजन में 33.1 लाख टन उत्पादन हुआ था। इसके उत्पादन में पिछले साल की तुलना में करीब 2.7 प्रतिशत की कमी आएगी।

उड़द का उत्पादन करीब 15 से 16 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले साल के 17.7 लाख टन की तुलना में करीब 9 से 15 प्रतिशत कम होगा। मूंगफली का उत्पादन 79 से 82 लाख टन रहने की संभावना है, जो पिछले खरीफ सत्र में हुए 85.6 लाख टन की तुलना में 4 से 7 प्रतिशत कम रह सकता है।

बैंक आफ बड़ौदा ने कहा है कि चावल का उत्पादन 1,130 से 1,150 लाख टन रहने का अनुमान है, जो खरीफ 2022 के 1,105.1 लाख टन की तुलना में ज्यादा है।

Advertisement
First Published - October 25, 2023 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement