विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि ईरान की ओर से भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की मंजूरी देने की खबरों पर अभी कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी। हालांकि, भारत और ईरान के बीच समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई है।
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि आखिरी बातचीत में जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इससे आगे फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगा।
यह बयान उस समय आया है जब खबरें सामने आई थीं कि नई दिल्ली और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद ईरान भारतीय झंडा लगे तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हो सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद अहम है और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण चर्चा में है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिका के स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर सेफसी विष्णु पर बुधवार को इराक के बसरा के पास हुए हमले में एक भारतीय चालक दल सदस्य की मौत हो गई।
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मंत्रालय के अनुसार जहाज पर मौजूद बाकी 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। बगदाद स्थित भारतीय दूतावास इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की थी कि क्षेत्र में हुए हमलों के दौरान जिन व्यापारी जहाजों पर भारतीय नागरिक सवार थे, उनमें से दो भारतीयों की मौत हो गई है और एक व्यक्ति अभी भी लापता है।