facebookmetapixel
AI में आत्मनिर्भरता की जरूरत, भारत को सभी स्तरों पर निवेश करना होगा: अभिषेक सिंहAI में 33% बढ़ी नौकरियां, सरकार हर स्तर पर कर रही काम; 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग: वैष्णवडिकंट्रोल से लाभ: प्रतिबंध हटाने से देश को मिलेंगे बड़े फायदेEditorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गतिवेनेजुएला संकट का भारतीय IT कंपनियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, कारोबार रहेगा स्थिरउत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी छंटनी, SIR में करीब तीन करोड़ लोगों के नाम कटेबांग्लादेश में छात्र नेता की हत्या पर उबाल, भारतीयों के ‘वर्क परमिट’ रद्द करने की मांगकई राज्यों में दूषित पानी से सेहत पर संकट, देशभर में बढ़ रहा जल प्रदूषण का खतरानए हवाई अड्डों से होटल उद्योग को मिलेगी रफ्तार, नवी मुंबई और नोएडा बने नए हॉस्पिटैलिटी हबगांवों में कार बिक्री ने शहरों को पछाड़ा, 2025 में ग्रामीण बाजार बना ऑटो सेक्टर की ताकत

Guar: सुस्त निर्यात के बीच आवक बढ़ने से निकला ग्वार व ग्वार गम का दम

इस साल सितंबर महीने में 22,628 टन ग्वार की आवक हुई, जो पिछली समान अवधि में हुई आवक से दोगुनी से भी अधिक है।

Last Updated- October 02, 2023 | 4:26 PM IST
Guar and guar gum gained strength due to increase in arrivals amid sluggish exports.

ग्वार व ग्वार गम की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। महीने भर में ग्वार के वायदा भाव 12 फीसदी और ग्वार गम के भाव 14 फीसदी टूट चुके हैं। इन दोनों के भाव घटने की वजह आवक बढ़ना है। साथ ही ग्वार गम की इस साल निर्यात मांग कमजोर पड़ने से भी इनके भाव घट रहे हैं। राजस्थान में ग्वार की नई फसल की कटाई शुरू होने लगी है। ऐसे में आगे भी ग्वार की कीमतों में सुस्ती जारी रह सकती है।

आवक बढ़ी, ग्वार व ग्वार गम के भाव गिरे

बीते महीनों में भाव बढ़ने की उम्मीद में कारोबारी और किसानों ने ग्वार की फसल को रोकने पर जोर दिया था। लेकिन अब नई फसल के समय इसकी आवक बढ़ा दी है। जिसका असर इसकी कीमतों पर गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल ने बताया कि सितंबर महीने मंडियों में ग्वार की आवक तेजी से बढ़ी है। जिससे ग्वार की कीमतों में गिरावट आई है। मंडियों में आवक के आंकड़े रखने वाली सरकारी एजेंसी एग्मार्क के अनुसार इस साल सितंबर महीने में 22,628 टन ग्वार की आवक हुई, जो पिछली समान अवधि में हुई आवक से दोगुनी से भी अधिक है।

एचडीएफसी सिक्योरिटी में कमोडिटी व करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता कहते हैं कि ज्यादा आपूर्ति होने के कारण ग्वार व ग्वार गम के भाव गिर रहे हैं। कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर ग्वार अक्टूबर अनुबंध एक सितंबर को 6,425 रुपये के भाव पर बंद हुआ था, जो पिछले कारोबारी दिन को 5,649 रुपये के भाव पर बंद हुआ।

इसी तरह एक सितंबर को 13,315 रुपये के भाव पर बंद होने वाला ग्वार गम अक्टूबर अनुबंध पिछले कारोबारी दिन 29 सितंबर को गिरकर 11,410 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बंद हुआ था। आज गांधी जयंती के कारण कमोडिटी एक्सचेंज बंद था।

इस तरह पिछले महीने ग्वार के वायदा भाव 12 फीसदी और ग्वार गम के भाव 14 फीसदी घटे। पॉल कहते हैं कि आवक बढ़ने के साथ ग्वार गम की निर्यात मांग कमजोर पड़ने से भी इनकी कीमतों में गिरावट को सहारा मिल रहा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि में 1.38 लाख टन ग्वार गम का निर्यात हुआ है, जो पिछली समान अवधि के 1.55 लाख टन निर्यात से करीब 11 फीसदी कम है।

First Published - October 2, 2023 | 4:26 PM IST

संबंधित पोस्ट