facebookmetapixel
Advertisement
भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र से जुड़ी फाइलें लीक, रिलायंस ने डेटा में ‘आंशिक घुसपैठ’ की पुष्टिDividend Alert: ₹70 तक डिविडेंड दे रही HCL Tech समेत ये 4 कंपनियां, 17 जुलाई है एक्स डेटEPFO का नया नियम; PF खाते में रखना होगा न्यूनतम बैलेंस, आधे पीएफ खातों में बचते हैं ₹20,000 तककच्चे तेल के संकट में कौन से शेयर करा सकते हैं कमाई? ब्रोकरेज ने चुने दो ऑयल स्टॉक्समहिलाओं के लिए रोजगार की चुनौती बढ़ी, जून में महिला बेरोजगारी दर 15 महीने के हाई परRBI का नया मसौदा: बैंकों-NBFC को डेटा जोखिम प्रबंधन के लिए बनानी होगी मजबूत व्यवस्थाFD या बैंक शेयर? 5 साल में किसने बनाई ज्यादा दौलत, एक्सपर्ट ने बताया किसके लिए कौन सा विकल्प बेस्टभारत-यूके FTA लागू, पहले दिन 14 करोड़ डॉलर का निर्यात; 2030 तक 100 अरब डॉलर का टारगेटभारत के फैसले का असर! बंधुआ मजदूरी पर सख्ती के बाद अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ में दे सकता है बड़ी राहतStock Market Update: हरे निशान में बाजार! सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,100 के पार; IT इंडेक्स 1% उछला

Guar: सुस्त निर्यात के बीच आवक बढ़ने से निकला ग्वार व ग्वार गम का दम

Advertisement

इस साल सितंबर महीने में 22,628 टन ग्वार की आवक हुई, जो पिछली समान अवधि में हुई आवक से दोगुनी से भी अधिक है।

Last Updated- October 02, 2023 | 4:26 PM IST
Guar and guar gum gained strength due to increase in arrivals amid sluggish exports.

ग्वार व ग्वार गम की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। महीने भर में ग्वार के वायदा भाव 12 फीसदी और ग्वार गम के भाव 14 फीसदी टूट चुके हैं। इन दोनों के भाव घटने की वजह आवक बढ़ना है। साथ ही ग्वार गम की इस साल निर्यात मांग कमजोर पड़ने से भी इनके भाव घट रहे हैं। राजस्थान में ग्वार की नई फसल की कटाई शुरू होने लगी है। ऐसे में आगे भी ग्वार की कीमतों में सुस्ती जारी रह सकती है।

आवक बढ़ी, ग्वार व ग्वार गम के भाव गिरे

बीते महीनों में भाव बढ़ने की उम्मीद में कारोबारी और किसानों ने ग्वार की फसल को रोकने पर जोर दिया था। लेकिन अब नई फसल के समय इसकी आवक बढ़ा दी है। जिसका असर इसकी कीमतों पर गिरावट के रूप में देखने को मिल रहा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल ने बताया कि सितंबर महीने मंडियों में ग्वार की आवक तेजी से बढ़ी है। जिससे ग्वार की कीमतों में गिरावट आई है। मंडियों में आवक के आंकड़े रखने वाली सरकारी एजेंसी एग्मार्क के अनुसार इस साल सितंबर महीने में 22,628 टन ग्वार की आवक हुई, जो पिछली समान अवधि में हुई आवक से दोगुनी से भी अधिक है।

एचडीएफसी सिक्योरिटी में कमोडिटी व करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता कहते हैं कि ज्यादा आपूर्ति होने के कारण ग्वार व ग्वार गम के भाव गिर रहे हैं। कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर ग्वार अक्टूबर अनुबंध एक सितंबर को 6,425 रुपये के भाव पर बंद हुआ था, जो पिछले कारोबारी दिन को 5,649 रुपये के भाव पर बंद हुआ।

इसी तरह एक सितंबर को 13,315 रुपये के भाव पर बंद होने वाला ग्वार गम अक्टूबर अनुबंध पिछले कारोबारी दिन 29 सितंबर को गिरकर 11,410 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बंद हुआ था। आज गांधी जयंती के कारण कमोडिटी एक्सचेंज बंद था।

इस तरह पिछले महीने ग्वार के वायदा भाव 12 फीसदी और ग्वार गम के भाव 14 फीसदी घटे। पॉल कहते हैं कि आवक बढ़ने के साथ ग्वार गम की निर्यात मांग कमजोर पड़ने से भी इनकी कीमतों में गिरावट को सहारा मिल रहा है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि में 1.38 लाख टन ग्वार गम का निर्यात हुआ है, जो पिछली समान अवधि के 1.55 लाख टन निर्यात से करीब 11 फीसदी कम है।

Advertisement
First Published - October 2, 2023 | 4:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement