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Gold-Silver Price: सोने में तूफानी रफ्तार, कीमतें 71,000 के पार; चांदी भी शिखर पर

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Gold-Silver Price: सोने में बढ़ते निवेश और दुनियाभर के केन्द्रीय बैंक द्वारा की जा रही खरीदारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार महंगा हो रहा है।

Last Updated- April 08, 2024 | 8:03 PM IST
Gold-Silver price today

Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी जारी है। सोना हर दिन नए शिखर पर पहुंच रहा है तो चांदी की चाल भी सबको चौंका रही है। एक दिन में ही सोना 1,182 रुपये से ज्यादा उछलकर 71 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम शिखर पर पहुंच गया तो चांदी की कीमतें भी 81,000 रुपये के पार पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना डाली।

सोने में बढ़ते निवेश और दुनियाभर के केन्द्रीय बैंक द्वारा की जा रही खरीदारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार महंगा हो रहा है। इस कारण घरेलू बाजार में भी सोने की कीमतें सरपट दौड़ रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक कारोबार के दौरान आज 10 ग्राम सोना 1,182 रुपए महंगा होकर 71,064 रुपए का हो गया है। जबकि चांदी का भाव बढ़कर 81,383 रुपए प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया।

मजबूत हाजिर मांग के बीच सटोरियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली किये जाने से वायदा कारोबार में सोमवार को सोने की कीमत 280 रुपये की तेजी के साथ 70,916 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में जून माह में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 280 रुपये यानी 0.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 70,916 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.49 फीसदी की तेजी के साथ 2,356.90 डॉलर प्रति औंस हो गया।

पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में करीब 6,500 रुपये की तेजी आ चुकी है जिसको देखकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर सोने की कीमत में इतनी तेजी की वजह क्या है। जिसके जवाब में बुलियन कारोबारियों का कहना है कि कई देशों के सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व में सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। इसमें आरबीआई और चीन का सेंट्रल बैंक भी है। चीन के सेंट्रल बैंक में फरवरी में 12 टन सोना खरीदा और मार्च में भी यह सिलसिला जारी रहा। चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना लगातार 17 महीने से सोने की खरीदारी कर रहा है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के सेंट्रल बैंक के पास गोल्ड रिजर्व मार्च में बढ़कर 72.74 मिलियन औंस पहुंच गया है। चीन का विदेशी मुद्रा भंडार नवंबर 2015 के बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मार्च के अंत में यह 3.2457 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। फरवरी की तुलना में इसमें 0.6 फीसदी और एक साल पहले की तुलना में 1.9 फीसदी तेजी आई है।

Also read: Gold Investment: धीरे-धीरे खरीदें सोना और सात साल के लिए लगाएं पैसा

दुनियाभर के सेंट्रल बैंक 2022 से अपने भंडार में सोने की मात्रा बढ़ाने में लगे हैं। 2022 में इन बैंकों ने पहली बार 1000 टन से अधिक सोना खरीदा था और फिर 2023 में भी करीब इतनी ही खरीदारी की थी। अभी केंद्रीय बैंकों के रिजर्व में 20 फीसदी से अधिक सोना है।

जानकारों का कहना वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालात दुनियाभर के केन्द्रीय बैंकों को सोना भंडार बढ़ाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जब भी अर्थव्यवस्था में खतरा भंडरता है तो केन्द्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना खरीदते हैं। अमेरिका, चीन और यूरोप के कई देशों में मंदी की आशंका बनी हुई है। खासकर चीन आर्थिक मोर्चे पर कई तरह की दिक्कतों का सामना कर रहा है। वैसे गोल्ड रिजर्व के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर है।

उसके खजाने में करीब 8,133 टन सोना है। इसके बाद जर्मनी, इटली, फ्रांस, रूस, चीन, स्विट्जरलैंड और भारत का नंबर है। आरबीआई ने इस साल करीब 13 टन सोना खरीदा है और उसके पास 817 टन गोल्ड रिजर्व है।

सोना की कीमतें बढ़ रही है यह तो समझ में आ रहा है लेकिन चांदी की कीमतों में लगातार तेजी की वजह कई लोगों को चकरा रही है। पिछले एक सप्ताह में चांदी के दाम करीब 11 फीसदी और एक महीने में 14 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि वैश्विक स्तर पर चांदी अपने उच्चतम स्तर से काफी कम है। वैश्विक बाजार में चांदी अप्रैल 2011 में 49 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी जबकि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 28 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही हैं।

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First Published - April 8, 2024 | 8:03 PM IST

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