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Gold Price: बड़ी तेजी के बाद थमी सोने की चाल, मुनाफावसूली के चलते लगा विराम

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बुधवार को 4,059.05 डॉलर की ऊंचाई छूने के बाद हाजिर सोना 0.2 फीसदी गिरकर 4,029.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया

Last Updated- October 09, 2025 | 10:16 PM IST
gold ETF

रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने की कीमतों में गुरुवार को सांस ली। आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ​तथा इस साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते सोना पहली बार 4,000 डॉलर का स्तर पार कर गया तो इसके एक दिन बाद गुरुवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली की। बुधवार को 4,059.05 डॉलर की ऊंचाई छूने के बाद हाजिर सोना 0.2 फीसदी गिरकर 4,029.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दिसंबर डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.6 फीसदी गिरकर 4,047.80 डॉलर पर रहा।

बुधवार को इजरायल और हमास ने गाजा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की योजना के पहले चरण पर सहमति प्रदान की। यह योजना युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के समझौते से जुड़ी है।

कैपिटल डॉट कॉम के विश्लेषक काइल रोडा ने कहा, ‘आप इजरायल और हमास के बीच पहले चरण के समझौते के महत्त्व को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं क्योंकि सोने के बढ़ने का एक कारण भू-राजनीतिक जोखिम है। लेकिन यह शायद एक और रिकॉर्ड बनाने के बाद लाभ कमाने का आसान बहाना है।’

इस बीच, बुधवार को जारी 16-17 सितंबर की बैठक के विवरण के अनुसार फेडरल रिजर्व के अधिकारी इस बात पर सहमत थे कि अमेरिकी रोजगार बाजार के लिए जोखिम इतने ज्यादा हैं कि दरों में कटौती जरूरी है। लेकिन वे लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति को लेकर सतर्क बने हुए हैं। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार बाजार अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 आधार अंक की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी संभावना क्रमशः 93 फीसदी और 78 फीसदी है।

उन्होंने कहा, ‘हम अभी भी चीजों को काफी रचनात्मक देख रहे हैं क्योंकि सोने के लिए सभी फंडामेंटल सकारात्मक ही हैं।’ कम ब्याज दर वाले माहौल में और आर्थिक व भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौर में सोना चमकता है।

जापान और फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल और इस समय जारी अमेरिकी सरकार की बंदी के कारण इस सप्ताह वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट देखी गई जिससे सोने में सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा।

केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, स्वर्ण-समर्थित एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की बढ़ती मांग, कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की मांग से इस साल सोना अब तक करीब 54 फीसदी चढ़ा है।

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First Published - October 9, 2025 | 9:55 PM IST

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