facebookmetapixel
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला

सोना पहली बार 4,200 डॉलर के पार, एक्सपर्ट्स को तेजी का दौर जारी रहने की उम्मीद

Advertisement

व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर इस धातु की खरीद की

Last Updated- October 15, 2025 | 9:12 PM IST
Electronic Gold Receipts

अमेरिका में ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद के चलते बुधवार को सोने की कीमतें पहली बार 4,200 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं जबकि व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर इस धातु की खरीद की।

12.02 जीएमटी तक हाजिर सोना 1.4 फीसदी बढ़कर 4,200.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया जिसने सत्र के शुरू में 4,217.95 डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर को छू लिया था। दिसंबर डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 1.3 फीसदी के इजाफे के साथ 4,216.20 डॉलर पर पहुंच गया।

इस साल सोने की कीमतों में अब तक लगभग 59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जिसकी वजह भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी और एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों का मजबूत निवेश है।

एक्टिवट्रेड्स के विश्लेषक रिकार्डो इवानजेलिस्टा ने कहा, अमेरिका में शटडाउन की अवधि बढ़ने, फेड अधिकारियों की नरम रुख वाली टिप्पणियों तथा अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में लगातार इजाफा होने से सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

उन्होंने कहा, मध्यम से दीर्घावधि में सोने का भाव 5,000 डॉलर के स्तर तक पहुंचना असंभव नहीं लगता। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों के बाद आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है, जिसके बाद बुधवार को अमेरिकी डॉलर में अन्य मुद्राओं के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई।

ट्रेडर अक्टूबर में 25 आधार अंकों की और दिसंबर में एक और कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जिसके क्रमशः 96 फीसदी और 93 फीसदी आसार हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन चीन के साथ कुछ व्यापारिक संबंधों में कटौती पर विचार कर रहा है क्योंकि दोनों देशों ने मंगलवार को एक-दूसरे पर बंदरगाह शुल्क लगाना शुरू कर दिया है।

बाजार अमेरिका में चल रहे सरकारी बंद से जुड़े जोखिमों पर भी नजर रख रहा हैं। इस बंद के कारण (जिस वजह से आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं हो रहे) जापान और अन्य देशों के नीति निर्माताओं के लिए नजरिया धुंधला हो सकता है।

सोना पारंपरिक रूप से राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के विरुद्ध एक बचाव के रूप में देखा जाता है। वह कम ब्याज दरों वाले माहौल में भी अच्छा प्रदर्शन करता है। एएनजेड की कमोडिटी रणनीतिकार सोनी कुमारी ने कहा, हमें उम्मीद है कि सोने में तेजी जारी रहेगी।

सोने की तेजी और हाजिर बाजार में आपूर्ति में कमी के बीच मंगलवार को 53.60 डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छूने के बाद चांदी 2.9 फीसदी बढ़कर 52.99 डॉलर पर पहुंच गई। अन्य बाजारों में प्लैटिनम 1.7 फीसदी बढ़कर 1,658.76 डॉलर और पैलेडियम 2.6 फीसदी बढ़कर 1,564.65 डॉलर पर पहुंच गया।

Advertisement
First Published - October 15, 2025 | 9:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement