facebookmetapixel
Budget 2026: टैक्स में कोई बड़ी कटौती नहीं होगी, पर सैलरीड क्लास को कुछ राहत मिलने की संभावनाBudget 2026: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री को टैक्स राहत की उम्मीद, रिटेल निवेश और SIP बढ़ाने पर नजरIndigo ने DGCA को दिया भरोसा: 10 फरवरी के बाद कोई फ्लाइट कैंसिल नहीं होगी, पायलटों की कमी हुई दूरJio BlackRock AMC का इन्वेस्टर बेस 10 लाख तक: 18% नए निवेशक शामिल, 2026 का रोडमैप जारीBudget 2026: MSME सेक्टर और छोटे कारोबारी इस साल के बजट से क्या उम्मीदें लगाए बैठे हैं?PhonePe IPO को मिली SEBI की मंजूरी, कंपनी जल्द दाखिल करेगी अपडेटेड DRHPBudget 2026: क्या इस साल के बजट में निर्मला सीतारमण ओल्ड टैक्स रिजीम को खत्म कर देगी?Toyota ने लॉन्च की Urban Cruiser EV, चेक करें कीमत, फीचर्स, डिजाइन, बैटरी, बुकिंग डेट और अन्य डिटेलसोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, गोल्ड पहली बार ₹1.5 लाख के पार, चांदी ₹3.30 लाख के करीबPSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेट

भारत ने 2030-31 तक दाल उत्पादन का लक्ष्य 40% बढ़ाकर 3.5 करोड़ टन रखा है: चौहान

‘दालों में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन’ नामक यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक की अवधि के लिए होगी

Last Updated- October 09, 2025 | 10:30 PM IST
Shivraj singh chouhan
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान | फाइल फोटो

कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने आज बताया कि सरकार ने फसल वर्ष 2030-31 तक भारत में दलहन का उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ाकर 3.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य तय किया है जबकि 2024-25 में  मौजूदा उत्पादन स्तर 2.58 करोड़ टन है।

उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य और शुल्क के जरिए उच्च खरीद के माध्यम से किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना है ताकि दोनों पक्षों को अधिकतम लाभ तय किया जा सके। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से छह साल की केंद्रीय योजना को मंजूरी दी। इसमें 11,440 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय है। ‘दालों में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन’ नामक यह योजना 2025-26 से 2030-31 तक की अवधि के लिए होगी।

चौहान 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अन्य पहलों के साथ कार्यक्रम के औपचारिक लॉन्च की घोषणा करने के लिए मीडिया को संबोधित कर रहे थे। चौहान ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम उत्पादकता वाले 100 ब्लॉकों को चिह्नित किया है। इनमें मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उड़द, मसूर और तुअर की खरीद तय करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत दलहल में दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन यह सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। देश को घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में दालों का आयात करना पड़ता है। दाल मिशन का उद्देश्य उत्पादन को बढ़ावा देना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।  हम वर्ष 2030-31 तक दालों के रकबे को मौजूदा 2.75 करोड़ हेक्टेयर से बढ़ाकर 3.1 करोड़ हेक्टेयर कर देंगे। हमने 2023-24 में दालों के उत्पादन को 2.42 करोड़ टन से बढ़ाकर 3.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य भी रखा है।

First Published - October 9, 2025 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट