facebookmetapixel
India-US ट्रेड डील क्यों अटकी हुई है? जानिए असली वजहस्टॉक स्प्लिट के बाद पहला डिविडेंड देने जा रही कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनी! जानें रिकॉर्ड डेटट्रंप की नीतियों से खतरे में अमेरिका में 15 लाख प्रवासियों का लीगल स्टेटस40% चढ़ सकता है हेलमेट बनाने वाली कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने शुरू की कवरेज; ₹750 का दिया टारगेट₹140 के शेयर में बड़ी तेजी की उम्मीद, मोतीलाल ओसवाल ने दिया BUY कॉलबैंकिंग सेक्टर में लौट रही रफ्तार, ब्रोकरेज ने कहा- ये 5 Bank Stocks बन सकते हैं कमाई का जरियाहाई से 45% नीचे ट्रेड कर रहे Pharma Stock पर BUY रेटिंग, ब्रोकरेज ने दिया नया टारगेटखुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में दहाड़ रहा ये IPO, 9 जनवरी से हो रहा ओपन; प्राइस बैंड सिर्फ 23 रुपयेGold, Silver Price Today: चांदी ऑल टाइम हाई पर, तेज शुरुआत के बाद दबाव में सोनासरकार ने तैयार की 17 लाख करोड़ रुपये की PPP परियोजना पाइपलाइन, 852 प्रोजेक्ट शामिल

Cumin Price: जीरे से उतरा महंगाई का रंग, 40 हजार रुपये तक गिर सकते हैं भाव

जानकारों के मुताबिक, मौसम जीरे की फसल के अनुकूल है। ऐसे में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद में आने वाले दिनों में जीरे की कीमतों में और कमी आ सकती है।

Last Updated- October 26, 2023 | 5:56 PM IST
Cumin price: Cumin seasoning became cheaper, price decreased by about 13 percent in a month
Representative Image

जीरे की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। इस महीने जीरा करीब 24 फीसदी सस्ता हो चुका है। इसके भाव गिरकर 47 हजार रुपये से नीचे आ चुके हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक आगे इसके भाव घटकर 40 हजार रुपये तक आ सकते हैं। जीरा सस्ता होने की वजह इसकी बोआई बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही जीरे की निर्यात मांग सुस्त पड़ना है।

इस महीने जीरे के भाव 14,500 रुपये से ज्यादा घटे

कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर इस महीने के पहले कारोबारी दिन 3 अक्टूबर को जीरे के नवंबर अनुबंध ने 61,650 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर दिन का ऊपरी स्तर छू लिया था। आज इन अनुबंध ने खबर लिखे जाने के समय 46,900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। इस तरह इस महीने जीरे के वायदा भाव 14,750 रुपये प्रति क्विंटल यानी करीब 24 फीसदी टूट चुके हैं। नवंबर अनुबंध ने 8 सितंबर को 66,880 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ था। इस स्तर से जीरे के वायदा भाव करीब 20 हजार गिर चुके हैं।

बोआई बढ़ने और सुस्त निर्यात मांग से जीरे में मंदी

एचडीएफसी सिक्योरिटी में कमोडिटी व करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता कहते हैं कि इस साल जीरे के भाव ऊंचे रहे हैं और इस समय मौसम भी अनुकूल है। इसलिए इस साल जीरे की बोआई ज्यादा होने की संभावना है। जिससे जीरे का उत्पादन भी बढ़ने की उम्मीद है। यही कारण है कि महीने भर से जीरे की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

कमोडिटी एक्सपर्ट इंद्रजीत पॉल ने कहा कि उत्पादन बढ़ने की उम्मीद में स्टॉकिस्ट जीरे की बिकवाली कर रहे हैं। जिससे जीरे के भाव घट रहे हैं। इसके अलावा जीरे की निर्यात मांग भी सुस्त पड़ने से इसकी कीमतों में गिरावट को बल मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 की अप्रैल-अगस्त अवधि में 69,779 टन जीरे का निर्यात हुआ है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में निर्यात हुए 91,529 टन जीरे से करीब 24 फीसदी कम है।

40 हजार रुपये तक गिर सकते हैं जीरे के भाव

जानकारों के मुताबिक जीरे की कीमतों में गिरावट आगे भी जारी रह सकती है। पॉल कहते हैं कि मौसम जीरे की फसल के अनुकूल है। ऐसे में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद में आने वाले दिनों में जीरे की कीमतों में और कमी आ सकती है। इसके भाव घटकर 40 हजार रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को छू सकते हैं। गुप्ता के मुताबिक भी आगे जीरे की कीमतों में मंदी के ही आसार नजर आ रहे हैं।

First Published - October 26, 2023 | 5:56 PM IST

संबंधित पोस्ट