facebookmetapixel
Advertisement
सरकार ने कमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाकर 70% की, मुख्य उद्योगों को प्राथमिकता देने के निर्देशरुपया 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर की मजबूती और एफआईआई बिकवाली से बढ़ा दबावसरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पर एक्साइज 13 से घटाकर 3 रुपये, डीजल पर टैक्स पूरी तरह खत्मप्रशिक्षु योजना में बीच में छोड़ने वालों की संख्या 5 साल में 15 गुना बढ़ी, सरकार के लिए चिंता7 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला जेवर एयरपोर्ट तैयार, मोदी शनिवार को करेंगे उद्घाटनसरकार ने 4% महंगाई लक्ष्य बरकरार रखा, सीपीआई श्रृंखला में निरंतरता का संकेतभारत में नया ‘केजीएफ’ दौर, करीब 80 साल बाद नई सोने की खान से उत्पादन हो रहा शुरूपश्चिम एशिया संकट का कारोबार पर सीमित असर: टीवीएस सप्लाई चेनएमटीआई ने यूरोप में दी दस्तक, डच मोबिलिटी कंपनी ऑटोमिकल का अधिग्रहणनोकिया ने भारत में नेतृत्व ढांचा बदला, समर मित्तल और विभा मेहरा को नई जिम्मेदारी

लगातार छठे महीने गोल्ड पर चीन ने लगाया दांव! फिर भी भारत से इस मामले में रह गया पीछे

Advertisement

मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले चार महीनों के दौरान चीन का गोल्ड रिजर्व 15 टन बढ़कर 2,294 टन पर पहुंच गया।

Last Updated- May 07, 2025 | 4:56 PM IST
Gold

China Gold Reserves April 2025: सोने को लेकर फिर चीन से खुशखबरी आई है। चीन के सेंट्रल बैंक ने  अप्रैल में लगातार छठे महीने सोने की खरीदारी की। चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से अप्रैल में 2 टन (70,000 औंस) सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) ने लगातार छठे महीने ( नवंबर 2024 से लेकर अप्रैल 2025 तक) गोल्ड खरीदा है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले चार महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 15 टन की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 2,294 टन पर पहुंच गया है। पिछले 6 महीने के दौरान चीन का गोल्ड रिजर्व 28 टन से ज्यादा बढ़ा है।

वैल्यू (US Dollar) के लिहाज से देखें तो चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 8 फीसदी पर पहुंच गई है। अप्रैल के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व मार्च के 229.6 बिलियन डॉलर से बढ़कर 243.59 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। मार्च 2025 तक यह हिस्सेदारी 6.5 फीसदी जबकि ठीक एक साल पहले  अप्रैल  2024 तक 4.9  फीसदी थी। इस तरह से देखें तो एक साल में चीन के फॉरेक्स रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी में तकरीबन 3 फीसदी का इजाफा हुआ है। नवंबर 2024 से पहले छह महीने तक लगातार चीन के गोल्ड रिजर्व में कोई बढोतरी नहीं दर्ज की गई थी। जबकि चीन के गोल्ड रिजर्व में पिछले साल अप्रैल में लगातार 18 वें महीने इजाफा देखा गया था। अप्रैल के दौरान चीन का गोल्ड रिजर्व 2 टन बढ़कर 2,264 टन पर पहुंच गया था।

चीन के गोल्ड रिजर्व में 2024 और 2023 के दौरान क्रमश: 44 टन और 225 टन की वृद्धि हुई।

Also Read: 4 हजार रुपये के डिस्काउंट पर यहां खरीदें सोना! साथ में मिलेगा इंटरेस्ट

यदि चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी महज 8 फीसदी है, जबकि ग्लोबल एवरेज 20 फीसदी है। भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में भी सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 12 फीसदी के करीब पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 20 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा।

जानकारों के अनुसार यदि चीन प्रत्येक महीने 40 टन सोना खरीदता है तो उसे गोल्ड रिजर्व को इस स्तर तक पहुंचाने के लिए तकरीबन 3 साल लगेंगे।

जनवरीमार्च तिमाही में ग्लोबल लेवल पर क्या रहा हाल?

इससे पहले वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की तरफ से आए आंकडों के मुताबिक मौजूदा कैलेंडर ईयर की पहली तिमाही के दौरान दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से  243.7 टन सोने की खरीद की गई। पिछले साल  की समान अवधि के मुकाबले यह 21 फीसदी कम है। पिछले साल इसी तिमाही के दौरान 309.9 टन सोने की खरीदारी हुई थी।

Q1 में पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने सबको पीछे छोड़ा

खरीदारी के मामले में पोलैंड के केंद्रीय बैंक नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड (NBP) पहली तिमाही के दौरान सबसे आगे रहा। पोलैंड के सेंट्रल बैंक की तरफ से मार्च में लगातार 12वें महीने सोने की नेट खरीदारी की गई। मौजूदा कैलेंडर ईयर के पहले तीन महीनों के दौरान पोलैंड का गोल्ड रिजर्व 49 टन बढ़कर 497 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 21 फीसदी है। इस तरह से साल के पहले 3 महीने के दौरान ही पोलैंड के सेंट्रल बैंक ने 2024 की कुल खरीद का 54 फीसदी सोना खरीद लिया। पिछले कैलेंडर ईयर यानी 2024 के दौरान पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने 90 टन सोना खरीदा और इस मामले में अग्रणी रहा था।

Q1 में भारत ने कितना सोना खरीदा?

स्टेट ऑयल फंड ऑफ अजरबैजान (SOFAZ) 19 टन की खरीदारी के साथ दूसरे पायदान पर रहा।। पहली तिमाही के दौरान 13 टन की खरीद के साथ चीन का केंद्रीय बैंक तीसरे पायदान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान और चेक गणराज्य के केंद्रीय बैंक चौथे और पांचवें पायदान पर रहे। इन दोनों बैकों की तरफ से क्रमश: 6 टन और 5 टन सोने की खरीद जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान की गई। तुर्की के केंद्रीय बैंक ने 4 टन सोना खरीदा और छठे नंबर पर रहे। भारत इस मामले में सातवें पायदान पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दौरान 3 टन सोने की खरीदारी की।

उज्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने सोना बेचा

हालांकि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों ने सोने की बढ़ती कीमतों का फायदा उठाने के लिए गोल्ड की बिक्री से भी परहेज नहीं किया।  उज्बेकिस्तान का केंद्रीय बैंक इस मामले में सबसे अव्वल रहा। उज्बेकिस्तान के सेंट्रल बैंक (Central Bank of Uzbekistan) ने इस दौरान 15 टन सोना बेचा। उज्बेकिस्तान का गोल्ड रिजर्व मार्च के अंत तक घटकर 368 टन पर आ गया। रूस और किर्गिस्तान के सेंट्रल बैंक ने भी इस दौरान क्रमश: 3 टन और 2 टन सोना बेचा।

क्यों सेंट्रल बैंक खरीद रहे सोना ?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सर्वे (2024 Central Bank Gold Reserves (CBGR) survey) बताते हैं कि केंद्रीय बैंकों की तरफ से खरीदारी की सबसे बड़ी वजह लॉन्ग टर्म स्टोर ऑफ वैल्यू यानी इन्फ्लेशन के खिलाफ हेज के तौर पर सोने की भूमिका है। खरीदारी की दूसरी बड़ी वजह इस कीमती धातु का संकट के दौर में प्रदर्शन है। तीसरी वजह पोर्टफोलियो को प्रभावी रूप से डायवर्सिफाई करने में सोने की भूमिका जबकि चौथी वजह डिफॉल्ट को लेकर सोने का जोखिम रहित होना है। जबकि पांचवीं वजह सोने का ऐतिहासिक महत्व (Historical Position) है।

 

Advertisement
First Published - May 7, 2025 | 4:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement