facebookmetapixel
Advertisement
ईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेत

खाद्य तेल आयात के शुल्क पर दीर्घावधि की 3 से 5 नीतिगत योजनाओं की दरकार

Advertisement

शोध पत्र के अनुसार वर्ष 2011 से 2021 के दौरान भारत में कच्चे पाम ऑयल, रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी के तेल पर शुल्क में 25 से अधिक बार बदलाव किया गया

Last Updated- October 14, 2025 | 11:45 PM IST
Soyabean Prices and soya oil

भारत के पास खाद्य तेल आयात के शुल्क पर दीर्घावधि 3 से 5 नीतिगत योजना होनी चाहिए। भारत के पास घरेलू प्रसंस्करण उद्योग की सुरक्षा के लिए कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेल पर न्यूनतम कम से कम 7.5 से 10 अंतर हो।

हालिया शोध पत्र, ‘भारत में खाद्य तेल क्षेत्र के शुल्क में उतार-चढ़ाव और साझेदारों के परिदृश्य’ में कहा गया कि खाद्य तेल के आयात शुल्क में अचानक से आयात शुल्क में बदलाव होने से थोक व खुदरा मूल्य प्रभावित होते हैं। इससे मूल्य श्रृंखला में हरेक प्रभावित होता है। यह शोध पत्र संयुक्त रूप से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सेंटर फॉर इकनॉमिक स्टडीज ऐंड प्लानिंग (सीईएसपी, वेईके पॉलिसी एडवाइजरी ऐंड रिसर्च और एसोचैम ने प्रकाशित किया।

इस शोध पत्र के अनुसार वर्ष 2011 से 2021 के दौरान भारत में कच्चे पाम ऑयल, रिफाइंड पाम ऑयल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी के तेल पर शुल्क में 25 से अधिक बार बदलाव किया गया। यह शुल्क संरक्षणवाद के दौर में करीब शून्य से लेकर 50 से 70 प्रतिशत से अधिक रहा था। शोधपत्र में कहा गया, ‘पिछले एक दशक में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क ने असाधारण अस्थिरता दिखाई है।’

शोधपत्र में पाम तेल पर आयात शुल्क को संदर्भ बिंदु के रूप में इस्तेमाल किया गया। इसका कारण यह है कि पाम ऑयल भारत के वार्षिक खाद्य तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत है।

Advertisement
First Published - October 14, 2025 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement