facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

Budget 2025: संपत्ति मालिकों को राहत, किराये पर टीडीएस कटौती की सीमा बढ़ी

वित्त मंत्री ने मकान किराये पर टीडीएस के लिए सालाना सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी है।

Last Updated- February 01, 2025 | 10:40 PM IST

वित्त मंत्री ने प्रॉपर्टी से जुड़े दो बदलावों की घोषणा की है। इनसे संपत्ति मालिकों और किरायेदारों के लिए कराधान का बोझ कम होगा और सरलता आएगी। पहला बदलाव यह है कि किसी आवास संपत्ति को खुद के कब्जे वाली संपत्ति मानने से जुड़ी तमाम शर्तें हटा दी गई हैं। दूसरा सरकार ने व्यक्ति द्वारा चुकाए गए किराये पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) कटौती की सीमा बढ़ा दी है।

शर्तें हटीं

आयकर अधिनियम की धारा 23 वार्षिक मूल्य के निर्धारण से संबंधित है। एक्विलॉ में कार्यकारी निदेशक (कर) राजर्षि दासगुप्ता का कहना है, ‘इस धारा की उप-धारा (2) में प्रावधान है कि जहां आवासीय संपत्ति मालिक के कब्जे में उसके निवास के प्रयोजन के लिए है या स्वामी किसी अन्य स्थान पर किए जा रहे अपने रोजगार, व्यवसाय या पेशे के कारण वास्तव में उसमें नहीं कर सकता है तो ऐसे मामलों में इस तरह की आवास संपत्ति का वार्षिक मूल्य शून्य माना जाएगा।’

इसके अलावा इस धारा की उप-धारा (4) में प्रावधान है कि अधिनियम की उप-धारा (2) के प्रावधान केवल दो गृह संपत्तियों पर लागू होंगे, जिन्हें गृह स्वामी द्वारा निर्दिष्ट किया गया है। अभी तक करदाता कुछ शर्तों को पूरा करने पर स्वयं के कब्जे वाली संपत्तियों के वार्षिक मूल्य (एवी) को शून्य के रूप में दावा कर सकते थे। वार्षिक मूल्य वह किराया है जो आपको किसी संपत्ति पर मिलता है। जब किसी संपत्ति पर स्वयं काबिज हो  तो उसका वार्षिक मूल्य शून्य हो जाता है। इससे पहले भी दो घरों को खुद के काबिज होने के रूप में माना जा सकता था, बशर्ते मकान मालिक कुछ शर्तों को पूरा करता हो। सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार दीपेश राघव कहते हैं, ‘अब दो घरों को बिना किसी सवाल के खुद के काबिज होने के रूप में माना जा सकता है, बशर्ते आपने इसे किराये पर न उठाया हो और इससे कोई किराया आय अर्जित न की हो।’ इस बदलाव के बाद ज्यादा आवासीय संपत्ति के मालिकों को थोड़ी राहत मिलेगी।

किराये पर टीडीएस के लिए सालाना सीमा बढ़ी

वित्त मंत्री ने मकान किराये पर टीडीएस के लिए सालाना सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी है। धारा 194आई में बदलाव किया गया है। यह धारा व्यक्तियों और एचयूएफ के अलावा अन्य संस्थाओं पर लागू होती है। राघव का कहना है, ‘यह उस स्थिति में लागू होती है जब कोई नॉन-इंडिवजुअल जैसे कि कोई कंपनी, किसी व्यक्ति को किराया देती है। यह धारा तब भी लागू होती है जब कोई व्यक्ति कर टैक्स ऑडिट के लिए उत्तरदायी होता है जैसे कि कोई पेशेवर जो सालाना 75 लाख रुपये कमाता है।’ 

First Published - February 1, 2025 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट