facebookmetapixel
Advertisement
Sugar Price: मॉनसून की मार से चीनी महंगी, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और आगे क्या होगा?कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों? हरदीप पुरी ने बताई वजहInvesco Mutual Fund ने SIF सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया समिट इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?India-EU FTA: 10-12 दिन में पूरी होगी कानूनी समीक्षा, गोयल बोले- साल के अंत तक होगी डील30 चुनिंदा मिडकैप शेयरों में निवेश का मौका, 17 जुलाई तक खुला रहेगा MOMF का नया इंडेक्स फंडMirae Asset MF ने उतारे 2 नए मिडकैप फंड, ₹5,000 से निवेश शुरू; प्राइस मोमेंटम वाले शेयरों पर फोकसविदेशी फंड्स में लौटी निवेशकों की दिलचस्पी, 40% रिटर्न और ₹7,600 करोड़ के इनफ्लो ने बदला ट्रेंडSBI Mutual Fund का IPO अगले हफ्ते आ सकता है, ₹11,400 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टModi-Takaichi बैठक में बड़ा फैसला! AI, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस में भारत-जापान मिलकर करेंगे कामRed Bull से Monster तक कई एनर्जी ड्रिंक कंपनियों पर FSSAI का शिकंजा, भ्रामक दावों पर भेजा नोटिस

Budget 2023: कस्टम ड्यूटी में कटौती, MSMEs को समर्थन से मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा

Advertisement
Last Updated- February 02, 2023 | 2:26 PM IST
container

संसद में बुधवार को पेश आम बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा निर्यातकों को समर्थन देने के लिए घोषित ऋण गारंटी योजना समेत कई अन्य योजनाओं से देश के निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उद्योग संगठनों ने बृहस्पतिवार को यह कहा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 9,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ एक अप्रैल को संशोधित ऋण गारंटी योजना पेश की जाएगी।

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन नरेंद्र कुमार गोयनका ने कहा कि बुनियादी ढांचा, निवेश, हरित वृद्धि, युवा शक्ति और समावेशी विकास पर जोर से सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत की यात्रा और तेज होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘पीएलआई योजना के दायरे में और क्षेत्रों को लाने और एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देने से देश में निवेश और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नए सिरे से शुरू की गई ऋण गारंटी योजना छोटे और मध्यम उद्यमों के दबाव को निश्चित तौर पर कम करेगी।’’

निर्यातकों के शीर्ष संगठन फियो के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि बजट में सीमा-शुल्क में कई बदलाव किए गए हैं जिससे विनिर्माण और निर्यात में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि विकृत इथाइल अल्कोहल और कच्चे ग्लिसरीन – पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट से रसायन क्षेत्र को लाभ मिलेगा। वहीं झींगे के आहार की कच्ची सामग्री पर शुल्क घटाने से समुद्री निर्यात तथा प्रयोगशाला में हीरे के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से रत्नों और आभूषणों के निर्यात में वृद्धि होगी।

वहीं सीआईआई की निर्यात-आयात पर राष्ट्रीय समिति के चेयरमैन संजय बुधिया ने कहा कि चुनिंदा क्षेत्रों में सीमा-शुल्क घटाने से वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारत की भागीदारी बेहतर होगी।

Advertisement
First Published - February 2, 2023 | 2:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement