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लेखक : एम एस साहू

आज का अखबार, लेख

कारोबारी सुगमता का बने अंतरराष्ट्रीय संस्थान

कारोबार को धन सृजन और आर्थिक वृद्धि का इंजन माना जाता है। सरकार ने कारोबार एवं व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लगातार प्रयास किए हैं। कारोबार स्वतंत्र माहौल में ही फलता-फूलता है, इसलिए उसकी बेड़ियां काटने के लिए पिछले कुछ साल में कई आर्थिक सुधार किए गए है। शुरुआत में कानूनी ढांचे […]

आज का अखबार, लेख

अचल संपत्ति क्षेत्र का दिवालियापन

दिवालिया कानूनों में मकान खरीदने वालों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, उन्हें निस्तारण प्रक्रिया की जटिलताओं में नहीं घसीटा जाना चाहिए। बता रहे हैं एमएस साहू और राघव पांडे किसी भी क्षेत्र के दिवालिया कानून की तरह ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता, 2016 (आईबीसी) भी लेनदार-देनदार के रिश्तों के इर्दगिर्द घूमती है। सामान्य […]

आज का अखबार, लेख

विफलता को सराहना कब आरंभ करेगा भारत?

कार्यपालिका और विधायिका एक दूसरे के साथ कदमताल करते हुए महत्त्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के समाधान के लिए कानून बनाती हैं। पहले कानूनों में एक अनुच्छेद होता था, जो बताता था कि वे कार्यपालिका द्वारा तय अमुक तारीख को प्रभाव में आएंगे। किंतु हाल के कुछ कानूनों में इस अनुच्छेद के साथ एक शर्त है, जिसके […]

आज का अखबार, लेख

छिपे हुए कानून का बंद हो चलन

बंबई उच्च न्यायालय ने इस साल 4 अप्रैल को अपने एक फैसले में भारतीय दिवाला एवं शोध अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) द्वारा जारी एक परिपत्र (सर्कुलर) की कुछ धाराओं को खत्म कर दिया। अदालत का कहना था कि कानूनी नियम वाली ये धाराएं, भुगतान प्रक्रिया नियमन से परे हैं। हालांकि इसमें कहा गया कि आईबीबीआई के […]

आज का अखबार, लेख

IBC का कैसा रहा अब तक का प्रदर्शन

ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी), 2016 के प्रदर्शन का आकलन कई लोगों के लिए खाली समय का मनोरंजन रहा है। कुछ लोगों ने तो इसके लिए डोसा (डिसीजन ओरिएंटेड सिस्टमैटिक एनालिसिस यानी निर्णयोन्मुखीय व्यवस्थित विश्लेषण) का रुख भी अपनाया। यह रुख पहले ही वांछित आकलन निष्कर्ष निर्धारित कर लेता है और उसके बाद […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: अनुशासन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाया जाए

सेबी तथा अन्य बाजार नियामक संस्थाओं की निर्णय लेने की व्यवस्था में निरंतरता की जरूरत है जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तीय बाजार सही काम करें। बता रहे हैं एम एस साहू और सुमित अग्रवाल चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड बनाम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के मामले में प्रतिभूति अपील पंचाट (एसएटी) […]

आज का अखबार, लेख

प्रतिस्पर्द्धा कानून में जुर्माने का आधार

प्रतिस्पर्द्धा अधिनियम, 2002 का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को प्रतिस्पर्द्धा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से सुरक्षित रखना है। यह कानून प्रतिस्पर्द्धा रोधी समझौतों और बाजार या कारोबार में किसी को उसके प्रभुत्व का बेजा इस्तेमाल करने से रोकता है। इस कानून में भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) को ऐसे प्रत्येक व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया […]

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