रोडीज : बिगडैल शहजादों का सफर
एमटीवी के दीवानों के लिए ‘रोडिज’ कोई नया नाम नहीं है। इस रीयल्टी शो में साजिश, सस्पेंश, एक्शन, ड्रामा और वह सब कुछ है, जो सास-बहू सीरियल्स को भी मात दे दे। अभी कुछ दिनों पहले की बात है, जब शो में उनकी जमकर तारीफ की जा रही होती। अचानक तभी इसके एक जज ताली […]
कितने हिस्से पर हैं जंगल, सरकार भी अनजान
अगर किसी से पूछा जाए कि देश के कुल क्षेत्रफल का कितना हिस्सा वास्तविक वन क्षेत्र है, तो सिवाय सरकारी आंकड़े के और कोई पुख्ता जानकारी शायद ही लोगों के पास उपलब्ध हो। सच तो यह है कि सरकार की ओर से ही पिछले दो दशक से हर दो साल पर वन क्षेत्र का आंकड़ा […]
पैसा पानी का
सेंटर फॉर साइंस ऐंड एनवायरनमेंट (सीएसई) जैसी संस्थाएं वर्षों से बार-बार इस बात पर जोर दे रही हैं कि भूमिगत जल (ग्राउंड वॉटर) का इस्तेमाल करने के बदले कंपनियां किसी तरह का भुगतान नहीं करतीं। यानी कंपनियां मुफ्त में ही ग्राउंड वॉटर का प्रयोग कर रही हैं। एक ऐसा देश जो पानी की समस्या से […]
समझना होगा गंदे पानी के गणित को
अगली दफा जब आप सड़क मार्ग या रेल से देश के किसी हिस्से की यात्रा पर निकलें, तो खिड़की से बाहर जरा गौर से झांकिए। रास्ते में जहां कहीं भी आपको रिहायशी इलाके दिखेंगे, उनके इर्दगिर्द गंदे और काले पानी से भरे गङ्ढे (कचड़ों के ढेर के अलावा) नजर आएंगे, जिनसे जलनिकासी का कोई रास्ता […]
सिर ढंकने को छत मयस्सर नहीं जिन्हें…
साफ गोई और राजनीतिक कामयाबी ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के व्यक्तित्व की खासियत है। हाल ही में उन्होंने जिस सच को स्वीकारा है, वह पूरे देश को चौंका सकता है। उनका कहना है कि बेघर लोगों को आवास मुहैया कराने की सरकार की योजना भूमिहीनों के लिए लागू नहीं होगी।गौरतलब है कि देश […]
मायानगरी में रियल एस्टेट सेक्टर पर मंदी की माया
अभी ज्यादा समय नहीं गुजरे जब मायानगरी में रियल एस्टेट के भाव आसमान को छू रहे थे पर अब क्या आवासीय क्या कारोबारी जायदाद सभी की कीमतें जमीन सूंघ रही हैं। यहां एक तो हाल-फिलहाल में प्रॉपर्टी की कीमत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई, वहीं दूसरी ओर इसका कारोबार भी कुछ दिनों से मंदा […]
रिहायशी परियोजनाएं : ठहरी कीमतें तो बढ़े किराए
पिछले साल बाजार में मौजूद तेजी के बाद, अब कोलकाता के रियल एस्टेट बाजार में मंदी के संकेत मिल रहे हैं, खासतौर से रिहायशी क्षेत्र में। राजरहाट (कोलकाता के उत्तर-पूर्वी सीमांत क्षेत्र में जो रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्र का केन्द्र माना जाता है) और सेक्टर 5 (सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र) जैसे क्षेत्रों में, नए उपनगरों के […]
आसमान छूतीं जमीन की कीमतें
एक छोटे किसान कृष्ण सिन्हा ने राज्य की राजधानी रायपुर से कुछ ही किलोमीटर दूर सीमांत क्षेत्र में तीन एकड़ जमीन खरीदी। छत्तीसगढ़ एक अलग राज्य के रूप में वहां के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। सात वर्ष पहले जब यह राज्य मध्य प्रदेश से अलग कर बनाया गया, तब सिन्हा को […]
जालंधर में भी शुरू हुई ‘फ्लैट कल्चर’
पिछले पांच सालों से जालंधर का जिस रफ्तार के साथ विकास हो रहा है, उसने शहर की शक्ल-ओ-सूरत बदल कर रख दी है। यहां पर विकास कार्य बदस्तूर जारी है। इसमें कोई शक नहीं कि अगले पांच साल में शहर की तस्वीर इस कदर बदल जाएगी कि किसी के लिए इस बदलाव को विश्वास कर […]
तेजी-मंदी की ताल में फंसा है भोपाल
मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद रियल एस्टेट के क्षेत्र में काफी गिरावट आई। स्थानीय बिल्डरों को मकानों और अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बेचने में काफी दिक्कत पेश आ रही है। सन 1999 के बाद आई आर्थिक मंदी से रियल एस्टेट क्षेत्र पर दोहरी मार पड़ी।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच संपत्ति और कर्मचारियों के […]
