वाणिज्य मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मंत्रालय के
अधिकारियांे की हाल मंे हुई बैठक मंे यह मुद्दा उठा था।
एक अधिकारी ने प्रेट्र से कहा, वरिष्ठ अधिकारियांे ने नोट किया है कि प्याज और कपास जैसे उत्पादों के निर्यात को एक तरफ फोकस बाजार योजना :एफएमएस: या फोकस प्रोडक्ट योजना :एफपीएस: का लाभ मिल रहा है वहीं दूसरी ओर इनके निर्यात पर अंकुश लगा हुआ है।
एफएमएस का मकसद कुछ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारांे के लिए निर्यात में माल ढुलाई की उंची लागत में कुछ राहत देना है ताकि वहां भारतीय चीजें प्रतिस्पर्धा में कायम रह सकंे।
प्याज के दामों में हाल के उछाल के बाद सरकार ने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य काफी उंचा 650 डालर तय किया है। पर साथ ही इस पर निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ बरकरार है।
इसी तरह सरकार ने कपास और सूती धागे के निर्यात पर भी मात्रात्मक प्रतिबंध लगा रखा है।