Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट
अन्य समाचार अधिकारी के तबादले संबंधी आरोप सही साबित हुये तो इस्तीफा दे दूंगा .. मोइली
'

अधिकारी के तबादले संबंधी आरोप सही साबित हुये तो इस्तीफा दे दूंगा .. मोइली

PTI

- August,14 2013 2:35 PM IST

मोइली ने आज यहां कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव गिरिधर अरमाणे का कोई तबादला नहीं किया गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी :सीपीआई: नेता गुरदास दासगुप्ता ने आरोप लगाया है कि रिलायंस के मामले में सख्ती दिखाने वाले अधिकारी का तबादला कर दिया गया।

मोइली ने कहा कि अरमाणे उसी सीट पर हैं और अपना काम कर रहे हैं, केवल कुछ जिम्मेदारियों उनसे लेकर दूसरे अधिकारी को दी गईं हैं। गैर..परंपरागत संसाधन और गैस मूल्य जैसी कुछ जिम्मेदारियां दूसरे संयुक्त सचिव को दी गयी हैं।

अरमाणे 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा :आईएएस: के अधिकारी हैं और पूर्व पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने उन्हें संयुक्त सचिव :उत्खनन: नियुक्त किया था।

मोइली ने कहा कि घरेलू गैस मूल्य के मामले में सरकार पहले ही फैसला ले चुकी है। अप्रैल 2014 से लेकर 2019 तक देश में उत्पादित गैस का दाम क्या होगा इसका निर्णय हो चुका है, अब केवल क्रियान्वयन का मुद्दा इसमें बचा है। जहां तक उत्खनन विभाग का मुद्दा है, वह अरमाणे के पास बना हुआ है। यही वह विभाग है जिसमें रिलायंस को कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ा।

दासगुप्ता के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मोइली ने कहा मैं आपको बार बार यह कह रहा हूं कि हमारी सोच बिल्कुल स्पष्ट है। हमने कोई भी निर्णय किसी की जरूरतों को देखते हुये नहीं लिया। यदि इसमें लेसमात्र भी कोई सबूत वह दिखाते हैं, मैं अगले दिन यहां इस सीट पर नजर नहीं आउंगा।

जारी भाषा

नननन

संबंधित पोस्ट