न्यायमूर्ति डी हरिपरंथमन ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास सचिव को नोटिस जारी करने का आदेश दिया और तीन हफ्तों में अपना जवाब देने को कहा।
याचिकाकर्ता ई मुरलीधरन ने भास्कर राममूर्ति को तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा आईआईटी..एम का निदेशक नियुक्त किए जाने को चुनौती दी है। अंतरराष्ट्रीय वैग्यानिक और बायोमेडिकल इंजीनियर मुरलीधरन ने दलील दी है कि यह आईआईटी कानून की धारा 17 :1: का उल्लंघन है।
उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने आईआईटी परिषद के अध्यक्ष के तौर पर एकतरफा फैसला करते हुए पूरी परिषद से मंजूरी मिले बिना राममूर्ति की नियुक्ति की। परिषद में 32 सदस्य होते हंैं। सदस्यों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के अलावा तीन संासद भी होते हैं।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि यह न सिर्फ आईआईटी कानून का उल्लंघन है बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 तथा स्थापित नियमों का भी उल्लंघन है।