यह आदेश कंपनी के लिए राहत है।
रिलायंस पावर ने मध्य प्रदेश में करीब 4,000 मेगावाट क्षमता की अपनी सासन विद्युत
परियोजना के वाणिज्यिक संचालन की तिथि के संबंध में सीईआरसी के आदेश के खिलाफ अपील की थी।
एपटेल ने सीईआरसी के रद्द आदेश को दरकिनार करते हुये उसे निर्देश दिया है कि वह सासन पॉवर लिमिटेड :एसपीएल: के रखरखाव संबंधी मुद्दे पर अपनी पहले के परिणामों से प्रभावित हुये बिना नये सिरे से फैसला ले।
एसपीएल सासन विद्युत परियोजना को चलाने वाली रिलायंस पॉवर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
एपटेल ने 12 अगस्त के अपने फैसले में कहा है आदेश को दरकिनार किया गया है और मामले को फिर से केन्द्रीय आयोग को भेज दिया गया है। उससे कहा गया है कि अपीलकर्ता :रिलायंस पॉवर: और अन्य संबंधित पक्षों को सुनन के बाद मामले पर नये सिरे से फैसला करे।
रिलायंस पॉवर ने यह याचिका अपनी अनुषंगी इकाई सासन पॉवर लि. के जरिये दायर की थी और सीईआरसी का आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और कानून के खिलाफ बताया था।
अपीलीय मंच ने अपना आदेश कल दिया जिसमें कहा गया कि सीईआरसी ने अपीलकर्ता को बात रखने का अवसर नहीं दिया
सीईआरसी ने सासन अल्ट्रोमेगा पॉवर प्रोजेक्ट :यूएमपीपी: की 660 मेगावाट की पहली इकाई के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा संबंधी स्वतंत्र इंजीनियर द्वारा जारी प्रमाणपत्र को दरकिनार कर दिया था। यह निर्णय वैस्टर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर की याचिका पर दिया गया था।
3,960 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना की पहली इकाई 30 मार्च 2013 को चालू की गयी। इसकी बिजली सात राज्यों की 14 बिजली वितरण कंपनियों को मिलेगी।
भाषा
08131805 दि
नननन