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बाजार अब संतुलित दौर में, निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए; BFSI समिट में बोले शीर्ष फंड मैनेजर

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एसबीआई म्युचुअल फंड के सीआईओ (फिक्स्ड इनकम) राजीव राधाकृष्णन ने कहा कि डेट मार्केट के नजरिये से माहौल अनुकूल हो गया है। उन्होंने कहा, डेट वैल्यूएशन ज्यादा आरामदायक दिख रहा है।

Last Updated- October 31, 2025 | 11:18 PM IST
rajiv thakkar

बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट 2025 में आयोजित एक पैनल चर्चा में प्रमुख फंड हाउसों के मुख्य निवेश अधिकारियों (सीआईओ) ने कहा कि निवेशकों को अपनी उम्मीदें यथार्थवादी रखनी चाहिए, अनुशासन के साथ निवेशित रहना चाहिए और परिसंपत्ति आवंटन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए क्योंकि बाजार ज्यादा संतुलित चरण से गुजर रहा है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड के सीआईओ शंकरन नरेन ने कहा कि भारत की समग्र स्थिति स्थिर बनी हुई है, जिसे मज़बूत व्यापक आर्थिक कारकों का समर्थन प्राप्त है। समी मोडक द्वारा संचालित एक पैनल चर्चा के दौरान उन्होंने कहा, भारत एक साल पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) शैलेश राज भान ने कहा, बाजार के हालिया रुख़ के बावजूद निवेशकों की रिटर्न की उम्मीदों में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, जब हम लोगों से मिलते हैं तो हमें पता चलता है कि रिटर्न की उम्मीदें कम नहीं हुई हैं। अलग-अलग बाजारों में कुछ न कुछ चीजें काम करती रहती हैं, इसलिए निवेशक तुरंत मुनाफे की तलाश में रहते हैं।

उन्होंने कहा कि बाज़ार ज्यादा संतुलित हो गए हैं और लार्ज-कैप कंपनियां कमाई के आधार पर प्रदर्शन कर रही हैं। भान ने कहा, उम्मीदें मध्यम और कमाई में वृद्धि के अनुरूप होनी चाहिए। लार्ज-कैप क्षेत्र ज्यादा समझदार होता जा रहा है, लेकिन यह बहुत ज्यादा रिटर्न का दौर नहीं है। आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड के सीआईओ महेश पाटिल ने कहा, हालांकि मूल्यांकन पहले के उच्च स्तरों से कम हुए हैं, लेकिन आगे रिकवरी धीरे-धीरे होने की संभावना है। उन्होंने कहा, एक साल पहले मूल्यांकन प्रीमियम पर थे और वृद्धि धीमी थी। अब नकदी की स्थिति बेहतर है और मूल्यांकन ज्यादा उचित हैं।

उन्होंने कहा, वृद्धि में सुधार की उम्मीद के साथ भविष्य पिछले साल की तुलना में बेहतर दिख रहा है।

पीपीएफएएस म्युचुअल फंड के सीआईओ राजीव ठक्कर ने कहा कि निवेशकों को अपनी निवेश योजनाओं पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और असामान्य रूप से ज्यादा रिटर्न की उम्मीद करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, पिछले साल शेयर कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया है, हालांकि कमाई में मामूली वृद्धि हुई है। अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मूल्यांकन ज्यादा है। समय के साथ इक्विटी निश्चित आय से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, लेकिन उम्मीदें यथार्थवादी बनी रहनी चाहिए।

एसबीआई म्युचुअल फंड के सीआईओ (फिक्स्ड इनकम) राजीव राधाकृष्णन ने कहा कि डेट मार्केट के नजरिये से माहौल अनुकूल हो गया है। उन्होंने कहा, डेट वैल्यूएशन ज्यादा आरामदायक दिख रहा है।

मुद्रास्फीति चिंता का विषय नहीं है और नकदी की स्थिति अनुकूल है। कई फंड मैनेजरों ने कहा कि संतुलित निवेश मिश्रण निवेशकों को अनिश्चितता के दौर से निपटने में मदद करता है। नरेन ने कहा कि उनका फंड हाउस पिछले दो सालों से हाइब्रिड और मल्टी-ऐसेट उत्पादों की सलाह दे रहा है। उन्होंने कहा, ये उत्पाद निवेशकों को बाजार में गिरावट के दौरान संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

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First Published - October 31, 2025 | 11:05 PM IST

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