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तकनीकी तंत्र: ‘नेटवर्क स्टेट’ समुदाय की परिकल्पना

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एक बार जब आप अपनी बिजली, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था कर लेते हैं तो आपको स्थानीय प्रशासन से ज्यादा लेनादेना नहीं होता।

Last Updated- May 07, 2024 | 9:43 PM IST
Macrotech Developers

नागरिक समाज के कार्यकर्ता अक्सर गेटेड कम्युनिटी (चहारदीवारी वाली रिहायशी कॉलोनी) को लेकर शिकायत करते हैं। इन कम्युनिटी के रहवासी आसपास के अन्य बाशिंदों से अलग रहते हैं और अपने लिए ऐसा बुनियादी ढांचा और सुविधाएं जुटाते हैं जो आसपास के लोगों को उपलब्ध नहीं होतीं। इनमें जिम, स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट आदि हो सकते हैं। इसके अलावा उन्हें 24 घंटे सुरक्षा, पानी, बिजली और इंटरनेट की सुविधा भी मिलती है।

गुरुग्राम जैसे इलाकों में बहुत विडंबनापूर्ण स्थिति बन चुकी है जहां अमेरिकी शैली वाली रिहायशी कॉलोनियों के बाहर सड़क पर भैंस का दूध निकाल कर बेचते देखा जा सकता है। इन कॉलोनियों का मतदान का प्रतिशत भी कम होता है। एक बार जब आप अपनी बिजली, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था कर लेते हैं तो आपको स्थानीय प्रशासन से ज्यादा लेनादेना नहीं होता।

अगर आप बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में काम करते हैं तो आप राष्ट्रीय राजनीति से भी दूरी बरत सकते हैं। एक तार्किक कदम बढ़ाएं तो अलग होकर विकेंद्रीकृत राज्य के नागरिक क्यों नहीं बन जाते? टेक उद्योगपति बालाजी श्रीनिवासन ने अपनी पुस्तक ‘द नेटवर्क स्टेट’ में इसी बात की पड़ताल की है। यह एक दिलचस्प वैचारिक प्रयोग है।

उनके शब्दों में ‘एक नेटवर्क स्टेट वास्तव में एक ऐसा समुदाय है जिसमें उच्च सामूहिक कदम उठाने की क्षमता होती है, जो दुनिया भर में क्राउड फंडिंग करता है और पहले से मौजूद राज्यों से कूटनीतिक मान्यता प्राप्त कर लेता है।’ यह ‘ऐसे लोगों का समुदाय होता है जो गणित, क्रिप्टोकरेंसी, स्थायी रूप से समुद्र में रहने वाले, अंतरिक्ष यात्रा करने वाले, तकनीक की मदद से मानवीय क्षमता बढ़ाने वाले, जीवनावधि बढ़ाने वाले और ऐसे विचारों पर काम करने वाले होते हैं जो शुरू में पागलपन लग सकते हैं लेकिन जिन्हें तकनीक की मदद से हासिल किया जा सकता है।’

बालाजी की उम्र 40-50 के बीच में है और वह प्रवासियों की दूसरी पीढ़ी से आते हैं। उन्होंने स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की है और वह टेक उद्योग में निवेश करते हैं। वह क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म कॉइनबेस के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी रह चुके हैं तथा वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रेस्सेन होरोवित्ज में साझेदार रहे हैं। वह कई जानीमानी टेक कंपनियों के साथ उनके शुरुआती दौर में जुड़े रहे हैं और उनका ध्यान स्वास्थ्य से जुड़ी तकनीक एवं क्रिप्टोकरेंसी पर रहा है। वह एक ऐंजल निवेशक भी हैं और इस उद्योग के कई अन्य लोगों की तरह वह भी उदारवादियों के साथ सहानुभूति रखते हैं।

ऐसे कई सामुदायिक रिहाइश वाले इलाके हैं जहां साझा हितों वाले लोग एक साथ रहते हैं। वे बेंगलूरु, गुरुग्राम, वाशी, सिलिकन वैली, डबलिन, ह्यूस्टन आदि टेक केंद्रों के आसपास रहते हैं। वे चाहे जहां भी हों वास्तव में वे ‘नेटवर्क स्टेट के नागरिक’ होते हैं जिनकी आय बहुत अधिक होती है और वे स्थानीय तथा गैर टेक क्षेत्र के लोगों से काफी अलग होते हैं।

बालाजी ने अपनी पुस्तक में ‘गेट के दायरे में रहने वाले समुदाय’ नहीं लिखा है। मैंने उसका इस्तेमाल किया है क्योंकि अक्सर ऐसे लोग इसी तरह की आवासीय व्यवस्था में रहते हैं। वे अक्सर बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए अपने ही संसाधन और ज्ञान का इस्तेमाल करते हैं तथा उनके जीवन की गुणवत्ता भी दूसरों से बेहतर होती है। वे एक साथ रहना पसंद करते हैं और वे तकनीक निर्माता तथा उसे जल्दी अपनाने वालों में शामिल होते हैं।

ये समुदाय पूरी तरह नेटवर्क वाले होते हैं और कई एक दूसरे को केवल इसलिए जानते हैं क्योंकि वे एक ही पेशे और सामाजिक दायरे के रहने वाले होते हैं। लिंक्डइन और फेसबुक पर आपको बहुत आसानी से ऐसे कई लाख लोग मिल जाएंगे जो समान विचार रखते हैं। हां यह सही है कि व्यापक सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म के मानकों पर ये लोग खास बड़े समुदाय का हिस्सा नहीं हैं।

इन सभी बंटे हुए लोगों को एक साथ रखने पर आपको एक विकेंद्रीकृत नेटवर्क स्टेट मिल जाएगा। यह नेटवर्क स्टेट आसानी से दस लाख से बहुत अधिक संख्या वाले लोगों का हो सकता है क्योंकि माना जा सकता है कि उच्च तकनीक क्षेत्र में काम करने वाले कई लोग इसके नागरिक बनने में रुचि रख सकते हैं।

राष्ट्र राज्य के मानक के आधार पर देखें तो यह अच्छी खासी तादाद है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों में करीब 20 फीसदी ऐसे हैं जिनकी आबादी 10 लाख से कम है। दुनिया के आधे से अधिक देशों की आबादी एक करोड़ से कम है।

बालाजी संकेत करते हैं कि इंटरनेट हमें दुनिया भर में अबाध ढंग से नेटवर्क बनाने की इजाजत देता है और इसकी मदद से दिल्ली के हजारों अपार्टमेंट्स को कैलिफोर्निया के किसी इलाके के सैकड़ों घरों से जोड़ा जा सकता है। क्लाउड की मदद से हर जरूरी चीज के लिए तालमेल भी बनाया जा सकता है।

चूंकि सभी नागरिक उच्च आय वाले, समझदार लोग होते हैं इसलिए वे साझा संसाधनों के लिए क्राउडफंडिंग कर सकते हैं। बालाजी सुझाते हैं कि नेटवर्क राज्य को एक स्टार्ट अप के रूप में पेश किया जा सकता है। वह लाइव ऐक्शन रियल प्लेयर गेम (एलएआरपी) का उदाहरण देते हैं। जैसे-जैसे इसका आकार बढ़ता है यह मौजूदा राज्यों से कूटनीतिक मान्यता भी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए दोहरी नागरिकता जैसी व्यवस्था अपनाई जा सकती है।

क्या यह ऐसा रास्ता हो सकता है जिसके जरिये 21वीं सदी के राष्ट्र राज्य विकसित हों, जो अपने वर्तमान अधिनायकवादी और धार्मिक तथा विविध प्रकार के लोकतंत्रों के मिश्रण से आगे बढ़कर एक विकेंद्रीकृत जगह बन सकें जो साझा हितों से आबद्ध हों? सरसरी तौर पर आसान नजर आने वाली इस व्यवस्था के गहराई में जाने पर कई जटिलताएं सामने आ सकती हैं।

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First Published - May 7, 2024 | 9:33 PM IST

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