facebookmetapixel
Adani Ports Q3 Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 21.2% बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भारी उछालएडवेंट इंटरनेशनल का बड़ा दांव: आदित्य बिड़ला हाउसिंग फाइनेंस में ₹2,750 करोड़ में खरीदी हिस्सेदारी‘दबाव में नहीं लिए फैसले’, CBIC प्रमुख ने सीमा शुल्क सुधारों पर दी सफाई, बताया क्यों घटे टैरिफनौकरी बाजार में अजीब संकट: भीड़ बढ़ी पर नहीं मिल रहे योग्य पेशेवर, 74% कंपनियां टैलेंट के लिए परेशानट्रेड डील पर बोले PM मोदी: राष्ट्रहित में लिया गया ‘बड़ा फैसला’, देश के हर वर्ग को मिलेगा फायदाममता बनर्जी का बड़ा ऐलान: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव का करेंगी समर्थनसंसद में संग्राम: विपक्ष के 8 सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित, राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शनट्रेड डील से नहीं बदलेगी बाजार की किस्मत, तेजी के लिए चाहिए और स्पष्टता: शंकर शर्माभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स गदगद, दावा: बाजार में बढ़ेगा निवेशअदाणी डिफेंस और लियोनार्डो मिलकर बनाएंगी हेलीकॉप्टर, भारत में लगाएगी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

बजट 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर बड़ा दांव, ईसीएमएस अलॉटमेंट में इजाफा

अप्रैल 2025 में शुरू की गई ईसीएमएस योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अब तक 54,567 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ 46 आवेदनों को मंजूरी दी है।

Last Updated- February 03, 2026 | 9:15 AM IST
Union Budget 2026 Announcements

Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 में एक साल से भी कम पुरानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के खर्च में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण की घोषणा की गई है। उद्योग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कहा कि इससे अंदाजा मिलता है कि सरकार वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े तंत्र में भारत की स्थिति बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में घोषणा की कि जिस ईसीएमएस को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2025 में मंजूरी दी थी, उसके लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जे आदि तैयार करने की योजना है। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि सरकार जल्द ही सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए आईएसएम का दूसरा चरण शुरू करेगी। चालू वित्त वर्ष के लिए आईएसएम 2.0 को 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा कि ईसीएमएस का महत्वपूर्ण विस्तार, लचीली घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति मजबूत करने की सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दर्शाता है।

पीडब्ल्यूसी इंडिया में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन ऐंड मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर प्रैक्टिस के प्रबंध निदेशक सुजय शेट्टी ने कहा, ‘ईसीएमएस के लिए अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन पर्याप्त निवेश बढ़ा सकता है और इससे घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन हो सकता है, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के मौके भी तैयार हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और नवाचार में भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष देश के रूप में उभरने में मदद कर सकता है।’

अप्रैल 2025 में शुरू की गई ईसीएमएस योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अब तक 54,567 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ 46 आवेदनों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से 3.67 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन होने का अनुमान है और लगभग 51,000 लोगों के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष मौके तैयार होने की संभावना है।

ये 46 परियोजनाएं 11 राज्यों में मौजूद हैं और वे इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जे का उत्पादन करेंगी। इनमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, कैपेसिटर, कनेक्टर, मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों के आवरण, लीथियम-आयन सेल, कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल, ऑप्टिकल ट्रांसीवर, एल्युमीनियम एक्सट्रूजन, एनोड मटेरियल और कॉपर-क्लैड लैमिनेट शामिल हैं। इन सभी पुर्जों का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, टेलीविजन, कंप्यूटर डिस्प्ले और सर्वर जैसे उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बजट के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने ईसीएमएस योजना के लिए लगभग 50-55 आवेदनों की उम्मीद की थी। लेकिन कुल 149 आवेदन मिले। आवंटन 40,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की घोषणा से उस रफ्तार को बनाए रखने में मदद मिलेगी ताकि योजना के तहत और अधिक कंपनियों को जोड़ा जा सके।’

स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल फोन निर्माता कंपनी लावा इंटरनैशनल के कार्यकारी निदेशक और मुख्य विनिर्माण अधिकारी संजीव अग्रवाल ने कहा कि ईसीएमएस को वांछित प्रभाव देने के लिए, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि आवश्यक बुनियादी ढांचा हो और इसे समय पर और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। नीतिगत इरादे को नतीजे में बदलने के लिए यह महत्वपूर्ण होगा।
इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा कि बजट में आईएसएम 2.0 की घोषणा भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत है। माइंडग्रोव

टेक्नोलॉजीज के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शाश्वत टीआर ने कहा कि यह घोषणा भी मानती है कि भारत अब सेमीकंडक्टर विनिर्माण तंत्र में पीछे नहीं है। उन्होंने कहा, ‘उद्योग-आधारित अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभाओं को सक्षम बनाकर आईएसएम 2.0 ऐसे नवाचार के मौके तैयार कर सकता है जिनका विस्तार किया जा सकता है। इससे निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और भारत में एआई, आईओटी और नेक्स्ट-जेन कंप्यूटिंग में बेहतर सेमीकंडक्टर ऐप्लिकेशन की गुंजाइश बनेगी।’

First Published - February 3, 2026 | 9:15 AM IST

संबंधित पोस्ट