facebookmetapixel
Advertisement
क्रेडिट कार्ड बंद करने की सोच रहे हैं? कही जेब पर भारी न पड़ जाए ‘प्लास्टिक मनी’ से दूरी का यह फैसला!South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोर

स्मार्टफोन पर फीचर फोन का पड़ रहा असर

Advertisement

फीचर फोन को स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी धीमी है और इससे भी मदद नहीं मिल रही है।

Last Updated- October 15, 2023 | 11:12 PM IST
Smartphone

स्मार्टफोन मोबाइल उपकरण के निर्माताओं को बिक्री बढ़ाने के संबंध में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ फीचर फोन के शिपमेंट में उतनी तेजी से कमी नहीं आ रही है, जितनी कमी का अनुमान लगाया गया था।

अनुसंधान एजेंसी काउंटरप्वाइंट का अनुमान है कि इस वर्ष ​शिपमेंट कैलेंडर वर्ष 2022 के समान स्तर 6.1 करोड़ रहेगा, जैसा कि कैलेंडर वर्ष 2021 में था। दूसरी तरफ फीचर फोन को स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी धीमी है और इससे भी मदद नहीं मिल रही है।

फीचर फोन के ग्राहक लंबी अवधि के बाद या तो अपना फोन बदल रहे हैं या सस्ता पुराना स्मार्टफोन खरीद रहे हैं। नतीजतन नए स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनियों की वॉल्यूम वृद्धि वर्ष 2020 से स्थिर हो गई है, जब उनकी खेप 15 करोड़ (वर्ष 2022 में 15.2 करोड़ थी) के स्तर तक पहुंच गई थी। वर्ष 2021 में यह शिपमेंट अच्छी खासी बढ़कर 16.6 करोड़ हो गई ​थी और वर्ष 2022 में ही इसमें दोबारा कमी आई थी।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के साझेदार और सह-संस्थापक नील शाह ने कहा ‘कैलेंडर वर्ष 2022 में स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या 20 करोड़ तक पहुंच गई।’ उन्होंने कहा कि लेकिन इनमें से तीन करोड़ से लेकर पांच करोड़ तक फोन रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन थे जो सस्ते होते हैं और जिनका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इन्हें वे लोग खरीद रहे हैं, जो नए फोन से नहीं, बल्कि फीचर से स्मार्टफोन में अपग्रेड करना चाहते हैं।

इस प्रवृत्ति से कंपनियों पर असर पड़ रहा है क्योंकि आईसीईए के अनुसार उन्होंने कैलेंडर वर्ष 2022 में 20 करोड़ नए स्मार्टफोन की शिपमेंट की बिक्री का अनुमान लगाया था। साफ तौर पर वे लक्ष्य को करीब पांच करोड़ से चूक गईं। शाह यह भी मानते हैं कि फीचर फोन की शिपमेंट में गिरावट उतनी तेज नहीं रही, जितनी अनुमान लगाया गया था। ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्तमान में मोबाइल फोन की संख्या लगभग 80 करोड़ है, जिनमें से 20 करोड़ अब भी फीचर फोन हैं।

शाह ने कहा कि ऐसे ग्राहकों का बड़ा बाजार है, जिनके पास अब भी फोन नहीं है और वे पहले कोई फीचर फोन खरीदेंगे। हमें लगता है कि फीचर फोन में आगे और गिरावट आएगी लेकिन तीने से चार साल बाद भी उनका आधार 1.5 करोड़ से लेकर दो करोड़ तक रहेगा।

कैलेंडर वर्ष 2018 से लेकर कैलेंडर वर्ष 2019 के बीच फीचर फोन की शिपमेंट में 7.2 करोड़ मोबाइल फोन की भारी गिरावट आई थी। कैलेंडर वर्ष 2019 और कैलेंडर वर्ष 2020 के बीच ​फीचर फोन की शिपमेंट में 2.4 करोड़ तक की कमी आई। इससे पता चलता है कि स्मार्टफोन में अपग्रेड की दिशा में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी वजह यह है कि शुरुआती स्तर वाले 2जी फीचर फोन और शुरुआती स्तर वाले स्मार्टफोन के बीच कीमत में बड़ा अंतर है। फिलहाल फीचर फोन 700 रुपये से लेकर 800 रुपये तक में उपलब्ध हैं, जबकि 4जी पर चलने वाले किसी ठीक-ठाक स्मार्टफोन की कीमत 6,000 रुपये से लेकर 7,000 रुपये (औसत बिक्री मूल्य काफी ज्यादा है) होती है। अगर ग्राहक 5जी फोन देख रहे हैं, तो यह अंतर और भी अधिक लगभग 13,000 रुपये का होता है।

Advertisement
First Published - October 15, 2023 | 11:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement