facebookmetapixel
IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’

सीटें थोड़ी कम हुईं तो बाजार में गिरावट संभव : बर्नस्टीन

बाजार मानकर चल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी को करीब 350 सीट और राजग को करीब 400 सीट मिलेंगी, 50 सीट कम होने पर बाजार में आ सकती है गिरावट

Last Updated- April 21, 2024 | 11:44 PM IST
stock market holidays 2025

लोक सभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट आ सकती है। यह कहना है वैश्विक रिसर्च और ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का।

बर्नस्टीन की रिपोर्ट के अनुसार ऐसी आशंका की वजह चैनलों के स्टूडियो में हो रही बहस है। ऐसा लगता है कि हम जमीनी सचाई से दूर होते जा रहे हैं। उदाहरण के लिए गुजरात व राजस्थान में विभिन्न समुदायों के आंदोलन चल रहे हैं।

पंजाब और हरियाणा में भी किसानों का असंतोष दिख रहा है। साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से दिल्ली में हलचल है।

बर्नस्टीन के प्रबंध निदेशक वेणुगोपाल गैरे ने निखिल अरेला संग लिखे नोट में कहा कि पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थिति अभी भी अनिश्चित है और वहां आसानी से जीत नहीं मिलने वाली। यही नहीं ऊपर बताए राज्यों समेत आठ प्रदेशों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को साल 2019 में 146 में से 144 सीटें मिली थीं यानी करीब 99 फीसदी। इनमें गंवाने को बहुत ज्यादा है और फायदा कुछ खास नहीं होने वाला।

इसलिए प्लान-400 को हासिल कर पाना लक्ष्य तय करने के मुकाबले काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। संयोग से ये बातें उन नीतियों के बारे में भी कही जा सकती हैं जिनको सत्ता संभालने से पहले ही शुरू कर दिया गया है।

फरवरी में संसद में दिए अपने अंतिम भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 370 सीटें जीतेगी जबकि राजग को कुल 405 सीटें मिलेंगी।

बाजारों में हालिया सर्वोच्च स्तर से पहले ही करीब 2,000 अंकों की गिरावट आ चुकी है और भूराजनीतिक चिंता और ब्याज दरों में कटौती के बारे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों के बीच एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स 75,000 के स्तर से नीचे आ गया है।

आसान नहीं राह

ओपिनियन पोल में हालांकि राजग को औसतन 385 से 390 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है और कुछ ने तो 411 सीटों का आंकड़ा भी दे दिया है।

गैरे ने कहा कि राज्यों के चुनावों में हालिया प्रदर्शन और करीब-करीब सभी अहम ओपनियन पोल के सर्वेक्षणों को देखते हुए 390 से 400 सीटें अब नया आधार बन गई हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए ये अनुमान राजग के लिए थोड़े आशावादी हैं।

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में राजग को करीब 350 सीटें मिली थीं। बर्नस्टीन ने कहा कि अतिरिक्त करीब 50 सीटों से इस बार राजग को 400 सीटों का आंकड़ा मिल सकता है और ये सीटें दक्षिण भारत से आनी चाहिए जहां उसने 2019 में 101 में से महज 5 सीटें जीती थीं।

गैरे ने लिखा है कि लेकिन यह भी आसान नहीं है। केरल में उसे 1 से 2 सीट मिल सकती है। यहां तक कि तमिलनाडु में भी उसको बहुत ज्यादा फायदा होने की उम्मीद नहीं है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से उसे बढ़त मिलनी चाहिए। इनमें से कई राज्यों में कड़ा मुकाबला होगा।

First Published - April 21, 2024 | 11:44 PM IST

संबंधित पोस्ट