facebookmetapixel
Budget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दमदावोस में भारत का नया फोकस: अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री बताएंगे देश की अगली ग्रोथ कहानीचुनावी साल में PM मोदी का पूर्वी भारत पर फोकस: असम और बंगाल को 7 हजार करोड़ रुपये की सौगातऑटो सेक्टर की कमाई रफ्तार पकड़ेगी, तीसरी तिमाही में बिक्री और मुनाफे में बड़ी छलांग के आसारक्विक कॉमर्स की रफ्तार पर सवाल: डिलिवरी कितनी तेज होनी चाहिए?

2025 में ट्रैक्टर बिक्री ने छुआ 10 लाख का आंकड़ा, 2026 में भी मजबूत मांग की उम्मीद

प्रमुख मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए मांग की मजबूती साफ दिखी। इसमें भी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) ने अपना दबदबा और बढ़ाया

Last Updated- January 07, 2026 | 9:57 PM IST
tractor sales

उद्योग के अधिकारियों और विश्लेषकों का मानना है कि भारत के ट्रैक्टर उद्योग ने कैलेंडर वर्ष 2025 का समापन मजबूती के साथ किया। रिटेल बिक्री लगभग दस लाख ट्रैक्टरों तक पहुंच गई। रिटेल बिक्री में दो अंक की वृद्धि हुई। इस उद्योग ने 2026 में मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था, बेहतर ग्रामीण नकदी आय और अनुकूल फसलों के कारण लगातार मांग की उम्मीदों के साथ प्रवेश किया है।

फाडा रिसर्च डेटा के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 में ट्रैक्टरों की रिटेल बिक्री 996,633 वाहन रही। यह वर्ष 2024 में हुई 893,706 ट्रैक्टरों की बिक्री से ज्यादा है और सालाना आधार पर 11 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। प्रमुख मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए मांग की मजबूती साफ दिखी। इसमें भी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (एमऐंडएम) ने अपना दबदबा और बढ़ाया।

एमऐंडएम ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 237,980 ट्रैक्टर बेचे और इससे पिछले वर्ष के 23.36 फीसदी के मुकाबले अपनी बाजार भागीदारी बढ़ाकर 23.88 फीसदी की। कंपनी के स्वराज डिवीजन ने 186,529 वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की और इसकी बाजार भागीदारी 18.72 प्रतिशत रही जबकि कैलेंडर वर्ष 2024 में यह हिस्सा 18.60 प्रतिशत था। कुल मिलाकर, इन दोनों ब्रांडों का साल के दौरान कुल उद्योग की बिक्री में 42 प्रतिशत से ज्यादा योगदान रहा।

इंटरनैशनल ट्रैक्टर्स (सोनालिका) 126,741 ट्रैक्टरों की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही। हालांकि उसकी बाजार भागीदारी थोड़ी नरम होकर 12.72 प्रतिशत रह गई जो पहले 13.09 प्रतिशत थी। टैफे ने 111,947 ट्रैक्टर बेचे और उसकी बाजार भागीदारी 11.23 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले के 11.54 प्रतिशत से थोड़ी कम है।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा (एग्री मशीनरी ग्रुप) 2025 में प्रमुख कंपनियों में से एक बनकर उभरी, जिसने बिक्री बढ़ाकर 106,482 यूनिट कर ली और बाजार भागीदारी कैलेंडर वर्ष 9.78 प्रतिशत से बढ़ाकर 10.68 प्रतिशत पर पहुंचाने में सफल रही। जॉन डीरे इंडिया ने 76,563 ट्रैक्टर बेचे जिससे उसकी बाजार भागीदारी बढ़कर 7.68 प्रतिशत हो गई, जबकि आयशर ट्रैक्टर्स ने 61,768 यूनिट की बिक्री की। उसकी बाजार भागीदारी 6.20 प्रतिशत रही।

एमऐंडएम ने कहा कि साल के आखिर में मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई। एमऐंडएम के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस के अध्यक्ष विजय नाकरा ने कहा, ‘हमने दिसंबर 2025 में घरेलू बाजार में 30,210 ट्रैक्टर बेचे हैं जो पिछले साल के मुकाबले 37 प्रतिशत ज्यादा हैं।’ विश्लेषकों को मोटे तौर पर उम्मीद है कि 2026 में मांग अच्छी बनी रहेगी।

प्राइमस पार्टनर्स के एडवाइजर अनुराग सिंह ने कहा, ‘रबी की फसल के लिए कुल मिलाकर आउटलुक सकारात्मक है और किसानों के लिए फायदेमंद रहने की उम्मीद है। अब तक मौसम की स्थिति अनुकूल रही है और कृषि कमोडिटी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यह अनुकूल कृषि माहौल ग्रामीण आय के स्तर के लिहाज से अच्छा संकेत है।’

First Published - January 7, 2026 | 9:46 PM IST

संबंधित पोस्ट