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भारत टॉप पांच बाजारों में, गेम खेलने वालों में पेमेंट करने की बढ़ रही इच्छा: Krafton India CEO

क्राफ्टन इंडिया के CEO सोहन ने कहा कि यूजर्स बेस के मामले में भारत कंपनी के लिए टॉप तीन बाजारों में से एक है और गेमर्स के बीच पेमेंट करने की इच्छा बढ़ रही है।

Last Updated- November 05, 2023 | 7:42 PM IST
Online Gaming ban

गेम बनाने वाली कंपनी क्राफ्टन के भारतीय कारोबार प्रमुख शॉन ह्यूनिल सोहन का कहना है कि भले ही भारत के कुल उपयोगकर्ता-आधार का 10 प्रतिशत से भी कम गेम के लिए भुगतान करता है लेकिन यह कंपनी द्वारा तैयार पबजी और बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया के टॉप पांच बाजारों में शामिल है।

क्राफ्टन इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन ने कहा कि यूजर्स बेस के मामले में भारत कंपनी के लिए शीर्ष तीन बाजारों में से एक है और गेमर्स के बीच भुगतान करने की इच्छा बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “भारत हमारे लिए दीर्घकालिक बाजार है। इसका बाजार प्रति वर्ष कम से कम 10 या 15 प्रतिशत बढ़ता है। हम अपनी स्थिति बनाए रखना चाहते हैं और बाजार के साथ बढ़ना चाहते हैं। भारत हमारे लिए शीर्ष पांच बाजारों में से एक है और उपयोगकर्ता आधार के मामले में यह शीर्ष तीन में है।”

वर्तमान में, कंपनी भारत में पबजी के समान बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (बीजीएमआई) शूटिंग गेम चलाती है, जिसे सरकार ने सितंबर 2020 में प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, सरकार ने इसी साल मई में इसे दोबारा बाजार में उतारने की मंजूरी दे दी थी।

सोहन ने कहा कि भारत में क्राफ्टन का भुगतान किया गया उपयोगकर्ता-आधार और प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व विकसित गेमिंग बाजारों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा, “हमारे पास इन-ऐप खरीदारी है, जहां लोग सौंदर्य प्रसाधन और अतिरिक्त कौशल जैसे अपने उपभोग के लिए भुगतान करते हैं। यह आरएमजी (रियल मनी गेमिंग) नहीं है जहां कैश आउट की अनुमति है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनियों की आरएमजी खंड में प्रवेश करने की योजना है, सोहन ने कहा कि कंपनी कोरिया सहित दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में सख्त विनियमन के कारण इसमें विशेषज्ञ नहीं है, जहां यह खंड है।

First Published - November 5, 2023 | 7:42 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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