facebookmetapixel
Advertisement
India AI Impact Summit: यूरोपीय रंग में रंगा एआई समिट, एआई और टेक्नॉलजी सहयोग पर फोकसयोट्टा का बड़ा दांव, नोएडा डेटा सेंटर के बाद 40,000 और जीपीयू खरीदेगी‘सोच-विचार के बाद’ इंडिया AI समिट से बिल गेट्स ने खुद को अलग किया, नहीं देंगे कीनोटबैंकों और फिनटेक को मिलेगा एआई प्लेटफॉर्म, एनपीसीआई ने एनवीडिया के साथ मिलाया हाथफ्रांस भारतीय छात्रों के लिए वीजा प्रक्रिया सरल करेगा, 2030 तक 30,000 का लक्ष्य: मैक्रोंयूके यात्रा प्रतिबंध के कारण भारत वापसी का समय तय नहीं: माल्याएनवीडिया और एलऐंडटी की साझेदारी, भारत में सॉवरिन गीगावॉट स्तर की एआई फैक्टरी बनेगीFY26 में IPO लिस्टिंग गेन कमजोर, सिर्फ 65% ऑफर ही इश्यू प्राइस से ऊपर खुलेआधुनिक एआई प्रणालियां अच्छी, पर उनमें संगति नहीं : गूगल डीपमाइंडभारत बनेगा एआई स्किल डेवेलपमेंट का केंद्र, माइक्रोसॉफ्ट करेगी बड़े पैमाने पर निवेश

भारत से आईफोन निर्यात में 116% की जोरदार बढ़त, अमेरिका को निर्यात में बंपर बढ़ोतरी

Advertisement

पिछले साल अप्रैल में देश से 7,971 करोड़ रुपये मूल्य के आईफोन का निर्यात हुआ था, जबकि इस साल निर्यात करीब 116 फीसदी बढ़ गया।

Last Updated- May 11, 2025 | 10:43 PM IST
iPhone
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अमेरिकी बाजार में आईफोन की आपूर्ति के लिए चीन से अपना विनिर्माण भारत लाने से ऐपल के निर्यात में खासी तेजी आई है। ऐपल इंक ने भारत से अप्रैल में 17,219 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के आईफोन का निर्यात किया है। ऐपल के लिए ठेके पर आईफोन बनाने वाली तीनों कंपनियों द्वारा सरकार के पास जमा कराई गई रिपोर्ट से इसका पता चला है। पिछले साल अप्रैल में देश से 7,971 करोड़ रुपये मूल्य के आईफोन का निर्यात हुआ था, जबकि इस साल निर्यात करीब 116 फीसदी बढ़ गया।

ये आंकड़े ऐपल के सीईओ टिम कुक द्वारा दूसरी तिमाही के नतीजों के समय की गई घोषणा के अनुरूप हैं। कुक ने कहा कि ऐपल इस तिमाही से अमेरिकी बाजार के लिए भारत से ज्यादातर आईफोन हवाई मार्ग से भेजेगी। अप्रैल में चेन्नई से शिकागो के लिए कई विमानों से आईफोन भेजे गए थे। इस बारे में जानकारी के लिए ऐपल को ईमेल किया गया मगर जवाब नहीं आया।

आम तौर पर अप्रैल-जून की तिमाही भारत और दुनिया भर में ऐपल आईफोन की बिक्री के लिहाज से सबसे छोटी तिमाही होती है। लेकिन अब अमेरिका को भारत से निर्यात किया जा रहा है इसलिए अप्रैल महीने में ऐपल का उत्पादन और निर्यात दोनों में तेजी से बढ़े हैं।

अप्रैल 2023 में ऐपल के लिए आईफोन बनाने वाली कंपनियों ने 8,772 करोड़ रुपये मूल्य के आईफोन का उत्पादन किया था जिनमें से 57 फीसदी या 4,987 करोड़ रुपये मूल्य के आईफोन का निर्यात किया गया। अप्रैल 2024 में आईफोन का उत्पादन 24 फीसदी बढ़कर 10,894 करोड़ रुपये रहा जिनमें से 7,971 करोड़ रुपये मूल्य का या 83 फीसदी आईफोन निर्यात किया गया। 

इसी तरह, इस साल अप्रैल में कुल उत्पादन करीब दोगुना बढ़कर 21,400 करोड़ रुपये पुहंच गया जिनमें से 81 फीसदी या 17,300 करोड़ रुपये मूल्य के आईफोन का भारत से निर्यात किया गया। ज्यादातर निर्यात अमेरिकी बाजार में किया गया है।

अमेरिका द्वारा दुनिया भर के देशों पर उच्च शुल्क लगाने की तैयारी के बीच ऐपल दिसंबर 2024 से ही लगातार निर्यात बढ़ा रहा है जो मार्च में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। अमेरिका ने मार्च में ही जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की थी। यदि ऐपल को अमेरिका में आईफोन की अपनी समूची मांग भारत से पूरी करनी है तो अगले 18 महीनों में भारत में आईफोन का उत्पादन दोगुना करना होगा। अभी देश में 1,89,000 करोड़ रुपये या 22 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन का उत्पादन होता है जिसे बढ़ाकर 3,50,000 करोड़ रुपये या 40 अरब डॉलर तक करना होगा। इनमें से करीब 35 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन का निर्यात किया जाएगा जबकि बाकी उत्पादन घरेलू बाजार के लिए होगा। अमेरिका में आईफोन की कुल मांग औसतन 40 अरब डॉलर सालाना है।

ऐपल अगर अपना उत्पादन और बढ़ाती है तो यह भारत में किसी भी विनिर्माण कंपनी द्वारा निर्यात के मोर्चे पर सबसे महत्त्वाकांक्षी योजना होगी। इसके लिए कराधान, शुल्क और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में व्यापक सुधार की आवश्यकता होगी। जीवीसी पर नीति आयोग की रिपोर्ट में भारत में इस क्षेत्र में सुधार की बात कही गई है।

आईफोन का विनिर्माण चीन से भारत की ओर इसलिए भी स्थानांतरित हुआ है क्योंकि दोनों देशों के लिए अमेरिकी शुल्क में काफी अंतर है। 

Advertisement
First Published - May 11, 2025 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement