सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को कहा कि वह विकासशील देशों में एआई ढांचा और क्षमताओं का विस्तार करने के लिए दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर का निवेश करने की राह पर है।
‘8 अरब से अधिक लोगों के लिए स्केलिंग ट्रस्टेड एआई’ विषय पर मुख्य भाषण देते हुए माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच असमानता है। लेकिन एआई इस अंतर को पाटने में मदद कर सकता है, जिससे विकासशील देशों को आर्थिक वृद्धि पर पकड़ बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘हमें वह इन्फ्रास्ट्रक्चर लाने की जरूरत है जिसकी विकासशील देशों को आवश्यकता है। इसका मतलब है डेटा सेंटर, कनेक्टिविटी और बिजली। यही कारण है कि सत्य नडेला ने घोषणा की कि माइक्रोसॉफ्ट भारत में 17 अरब डॉलर खर्च करेगी। इसीलिए हम दशक के अंत तक एआई को यहां लाने के लिए 50 अरब डॉलर खर्च करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।’
पिछले साल दिसंबर में कंपनी ने घोषणा की थी कि वह भारत में क्लाउड और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और अन्य कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए 2026 और 2029 के बीच 17.5 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह घोषणा पिछले साल जनवरी में घोषित 3 अरब डॉलर से अलग थी।
माइक्रोसॉफ्ट की एआई डिफ्यूजन रिपोर्ट के डेटा का हवाला देते हुए स्मिथ ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के बीच एआई को अपनाने में असमानता है। उन्होंने कहा, ‘जेनरेटिव एआई की महान कहानी केवल तीन साल और तीन महीने पहले तब शुरू हुई थी जब जीपीटी जारी किया गया था। हम शुरुआती वर्षों में हैं लेकिन ये शुरुआती साल पूरी तरह से ठीक नहीं चल रहे हैं। 2025 की दूसरी छमाही में विकसित देशों में काम करने वाली 25 प्रतिशत आबादी एआई का उपयोग कर रही थी, लेकिन विकासशील देशों में यह केवल 14 प्रतिशत थी। यह नया फासला है और यह ठीक होने के बजाय बिगड़ता जा रहा है।’
शिक्षा और कौशल विकास के मामले में स्मिथ ने कहा कि विकासशील देशों में एआई कौशल की आवश्यकता है और भारत इस गतिविधि का केंद्र बिंदु है।