क्या बॉन्ड प्रतिफल में कमी ला सकता है आरबीआई?
गत शुक्रवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दोहराया कि केंद्रीय बैंक वृद्धि और वित्तीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और वह हर परिस्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बैंक जरूरत पडऩे पर हर उपाय अपनाएगा। दास ने कहा कि सरकार के ऋण प्रबंधक के […]
बैंकों में मालिकाना के बजाय संचालन अहम
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने आज कहा कि यह अहम नहीं है कि बैंक का मालिक कौन है, बल्कि यह अहम है कि इसका संचालन कैसे हो रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार ने कुछ सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम करने का फैसला किया है, […]
कारोबारी आय पर नजर डालें तो 1,502 कंपनियों का बड़ा नमूना यही संकेत देता है कि हर ओर तबाही के हालात हैं। अप्रैल से जून 2020 के बीच शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर 24.7 फीसदी गिरी और यह 2019 की समान तिमाही के 19.96 लाख करोड़ रुपये से घटकर 15 लाख करोड़ रुपये रह गई। […]
सरकारी बैंकों में 2.1 लाख करोड़ रुपये डालने की जरूरत
पहले से ही पूंजी के मोर्चे पर कमजोर भारत के सरकारी बैंकों में अगले 2 साल में 1.9 से 2.1 लाख करोड़ रुपये बाहरी पूंजी डाले जाने की जरूरत है, जिससे उनकी घाटा उठाने की क्षमता बहाल की जा सके। रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक पूंजी की यह कमी पूरी करने के लिए संभावित स्रोत […]
8.4 लाख करोड़ रु कर्ज का पुनर्गठन कर सकते हैं बैंक
भारत के बैंक मार्च 2020 तक के कुल कर्ज का करीब 7.7 प्रतिशत यानी 8.4 लाख करोड़ रुपये कर्ज का पुनर्गठन कर सकते हैं, जिससे कोविड-19 महामारी से उपजे दबाव का प्रबंधन किया जा सके। इंडिया रेटिंग के मुताबिक इसमें कॉर्पोरेट, गैर कॉर्पोरेट- खुदरा, कृषि और एमएसएमई ऋण शामिल होंगे, जिनका पुनर्गठन भारतीय रिजर्व बैंक […]
एमपीसी को लचीलेपन के साथ ताकत की दरकार
मौद्रिक नीतिगत ब्याज दरें तय करने के लिए 2016 में बनी मौद्र्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पिछले हफ्ते 24वीं बैठक होने के साथ ही इसके चार साल पूरे हो गए। समिति के छह सदस्यों ने इस बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया। एमपीसी की बैठकों में लिए गए अधिकांश फैसले सर्वसम्मत रहे […]
ऋण अदायगी पर रोक खत्म होने के बाद?
आईडीबीआई बैंक लिमिटेड और यूको बैंक ने जून तिमाही में मार्च तिमाही का प्रदर्शन दोहराया। आईडीबीआई बैंक ने जून तिमाही में 144.43 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। मार्च तिमाही में उसने 139 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था। इससे पहले लगातार 13 तिमाहियों में बैंक को करीब 42,000 करोड़ रुपये का घाटा […]
कोविड प्रावधान से बैंकों के मुनाफे पर चोट
जून 2020 की तिमाही में ऋणों के भुगतान पर रोक से परिसंपत्ति गुणवत्ता पर दबाव बना रहा। इस तिमाही में बैंकों को कोविड-19 से संबंधित अपने प्रावधान खर्च में लगातार इजाफा करना पड़ा है। प्रमुख निजी बैंकों की पहली तिमाही के आय विश्लेषणों से संकेत मिलता है कि समग्र आधार पर, आकस्मिक प्रावधान परिसंपत्ति गुणवत्ता […]
5 सरकारी बैंक रहेंगे, बाकी सब बिकेंगे!
पिछले साल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का महाविलय करने और दस बैंकों को मिलाकर चार बड़े बैंक बनाने के बाद अब सरकार अपने आधे से ज्यादा बैंकों के निजीकरण की संभावना तलाश रही है। सरकार और बैंकिंग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बैंकिंग उद्योग के कायाकल्प के तहत सरकार की योजना सार्वजनिक क्षेत्र […]
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एकबारगी ऋण पुनर्गठन योजना में अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को राहत शायद ही मिल सके। इस योजना में पात्रता के लिए कोविड-19 के असर को आधार बनाया जा सकता है। विमानन, आतिथ्य और खुदरा क्षेत्रों की कंपनियों को नई योजना का लाभ लेने की इजाजत मिल सकती है मगर रियल्टी, […]